दिल्ली की हवा हुई जहरीली: जहांगीरपुरी में AQI 452 पहुंचा, निर्माण कार्यों पर लगा बैन
दिल्ली की हवा हुई जहरीली, जहांगीरपुरी में AQI 452 दर्ज। निर्माण कार्यों पर लगा बैन और GRAP-2 लागू।

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर सांस लेना मुश्किल हो गया है। बुधवार दोपहर तक शहर की दिल्ली वायु गुणवत्ता बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है, जिससे पूरा शहर 'गंभीर' (Severe) श्रेणी में आ गया है। सबसे बुरा हाल जहांगीरपुरी इलाके का है, जहां दोपहर 2:05 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 452 दर्ज किया गया। इससे पहले भी यहां प्रदूषण का स्तर 447 से 450 के बीच झूल रहा था, जो हवा की जहरीली स्थिति को बयां करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदूषण में इस भारी उछाल के पीछे कई कारण हैं। औद्योगिक उत्सर्जन के साथ-साथ मौसम का मिजाज भी जिम्मेदार है। हवा की रफ्तार कम होने और वायुमंडल में वेंटिलेशन की कमी के कारण प्रदूषक तत्व हवा में ही फंसे हुए हैं और बिखर नहीं पा रहे हैं। Envirocatalysts के सुनील दहिया के मुताबिक, जहांगीरपुरी स्टेशन के पास ऊंची इमारतें भी एक बाधा बन रही हैं, जिससे पार्टिकुलेट मैटर वहीं जमा हो रहा है। इसके अलावा, पराली जलाने की घटनाओं में करीब 20% की बढ़ोतरी और वाहनों से निकलने वाला धुआं इस समस्या को और गंभीर बना रहा है।
GRAP-2 लागू और निर्माण कार्यों पर पाबंदी
बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। दिल्ली-NCR में 2 नवंबर से ही 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' (GRAP) का दूसरा चरण लागू कर दिया गया है। इसके तहत सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है, PUC सर्टिफिकेट की जांच कड़ी कर दी गई है और डीजल जनरेटरों के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई गई है।
इतना ही नहीं, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 5 नवंबर से 20 नवंबर तक पूरे NCR क्षेत्र में निर्माण और तोड़फोड़ (Construction and Demolition) गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने एंटी-स्मॉग गन तैनात की हैं और दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर समेत अन्य सीमाओं पर वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है।
जहांगीरपुरी के अलावा पंजाबी बाग, मुंडका और आर.के. पुरम जैसे इलाकों में भी AQI 400 के पार निकल गया है। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुसार, यह स्थिति कम से कम 6 नवंबर तक बनी रहेगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि 8 नवंबर को दिवाली के त्योहार के करीब आते ही प्रदूषण का स्तर और भी बढ़ सकता है, जो आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा साबित होगा।