दिल्ली की हवा हुई जहरीली, AQI 482 पहुंचा; GRAP-2 लागू, अब ऑफिसों से 50% वर्क फ्रॉम होम
दिल्ली की हवा हुई जहरीली, AQI 482 पहुंचा। सरकार ने GRAP-2 लागू कर ऑफिसों में 50% वर्क फ्रॉम होम और निर्माण कार्यों पर रोक लगाई है।

देश की राजधानी में एक बार फिर सांस लेना दूभर हो गया है। दिल्ली वायु प्रदूषण ने अब एक डरावना रूप ले लिया है, जहां हवा की गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गई है। 5 नवंबर की सुबह 8 बजे तक शहर का ओवरऑल एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 482 दर्ज किया गया, जो यह बताने के लिए काफी है कि स्थिति कितनी चिंताजनक है। पंजाबी बाग, नरेला, रोहिणी और आरके पुरम जैसे इलाकों में तो हालात और भी खराब हैं, जहां AQI 400 के आंकड़े को पार कर चुका है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, हवा की धीमी गति, गिरता तापमान और प्रदूषकों का जमीन के करीब सिमट जाना इस बदहाली की मुख्य वजह है। सिर्फ गाड़ियों का धुआं या धूल ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं भी आग में घी का काम कर रही हैं। 4 नवंबर को ही छह राज्यों में 467 खेत की आग दर्ज की गई, जिसने दिल्ली की हवा को और ज्यादा जहरीला बना दिया।
प्रदूषण रोकने के लिए सरकार के सख्त कदम
बढ़ते खतरे को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने अब GRAP-II (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान स्टेज 2) लागू कर दिया है। प्रशासन ने प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए कई कड़े प्रतिबंध लगाए हैं, जो 20 नवंबर तक प्रभावी रहेंगे:
- वर्क फ्रॉम होम: दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, सोनीपत और गौतम बुद्ध नगर के सरकारी और निजी दफ्तरों में अब केवल 50 प्रतिशत कर्मचारी ही फिजिकल अटेंडेंस देंगे, बाकी को घर से काम करना होगा।
- निर्माण पर रोक: पूरे NCR में धूल उड़ाने वाले तोड़फोड़ और बाहरी निर्माण कार्यों पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। हालांकि, मेट्रो, रेलवे, अस्पताल और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रोजेक्ट्स को इसमें कुछ छूट दी गई है।
- गाड़ियों पर सख्ती: 'नो PUC, नो फ्यूल' पॉलिसी लागू की गई है, यानी बिना प्रदूषण सर्टिफिकेट के गाड़ियों में पेट्रोल-डीजल नहीं भरा जा सकेगा। साथ ही, दिल्ली के बाहर की वे गाड़ियां जो BS-VI मानक पूरे नहीं करतीं, उन्हें शहर में घुसने की अनुमति नहीं होगी।
प्रशासन अब 'जीरो बर्निंग' अभियान के जरिए उन औद्योगिक इकाइयों और अधिकारियों पर शिकंजा कस रहा है जो नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि 8 नवंबर तक शुष्क मौसम बना रहेगा, जिसका मतलब है कि दिल्लीवासियों को अभी कुछ और दिन इस जहरीली हवा के बीच गुजारने पड़ सकते हैं।