दिल्ली में GRAP-2 के बावजूद हवा हुई जहरीली, मंदिर मार्ग पर AQI 508 के पार
दिल्ली में GRAP-2 के बावजूद हवा की क्वालिटी 'गंभीर' स्तर पर पहुंची। मंदिर मार्ग पर AQI 508 दर्ज किया गया।

राजधानी दिल्ली में सांस लेना एक बार फिर मुश्किल होता जा रहा है। शहर में वायु गुणवत्ता (दिल्ली वायु गुणवत्ता) बेहद खराब स्तर पर पहुंच गई है, जिससे कई इलाकों में AQI 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज किया गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि प्रशासन द्वारा GRAP-2 के प्रतिबंध लागू करने के बावजूद प्रदूषण के स्तर में कमी नहीं आई है। 4 नवंबर 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, मंदिर मार्ग स्थित मॉनिटरिंग स्टेशन पर AQI 508 तक पहुंच गया, जो बेहद चिंताजनक है।
सुबह 6 बजे शहर का औसत AQI 369 दर्ज किया गया था, लेकिन पंजाबी बाग, धौला कुआं, आईटीओ, आरके पुरम और गाजीपुर जैसे इलाकों में हवा की स्थिति काफी ज्यादा खराब रही। गौरतलब है कि जब AQI 324 के स्तर पर पहुंचा था, तब कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 2 नवंबर से दिल्ली-NCR में GRAP-2 लागू कर दिया था।
प्रदूषण रोकने के लिए कड़े कदम और मौसम की मार
प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने कई पाबंदियां लगाई हैं। इनमें सार्वजनिक परिवहन की फ्रीक्वेंसी बढ़ाना, पार्किंग शुल्क में वृद्धि और PUC सर्टिफिकेट की सख्ती से जांच करना शामिल है। साथ ही, गैर-BS-VI वाहनों पर प्रतिबंध, सड़कों की मैकेनिकल स्वीपिंग, पानी का छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल किया जा रहा है। खुले में कचरा जलाने पर पूरी तरह रोक है और होटलों व रेस्टोरेंट्स में कोयले या लकड़ी के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई गई है।
विशेषज्ञों और CAQM, CPCB व मौसम विभाग (IMD) के अधिकारियों का कहना है कि हवा की यह बदहाली मौसम के प्रतिकूल मिजाज की वजह से है। कम हवा की रफ्तार और गिरते तापमान ने प्रदूषण को और ज्यादा बढ़ा दिया है। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुसार, 6 नवंबर तक हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में रहने की संभावना है। जानकारों ने चेतावनी दी है कि पराली जलाने और सर्दियों के बदलते पैटर्न के कारण आने वाले 30 से 40 दिन बेहद चुनौतीपूर्ण होंगे।