दिवाली से पहले दिल्ली की हवा हुई जहरीली, GRAP स्टेज 3 लागू
दिवाली से पहले दिल्ली की हवा हुई जहरीली, AQI 474 तक पहुंचा। CAQM ने GRAP स्टेज 3 लागू कर निर्माण कार्यों पर लगाई रोक।

राजधानी दिल्ली में दिवाली के त्योहार से ठीक पहले हवा की गुणवत्ता बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। पूरा शहर एक घने और जहरीले धुंध की चादर में लिपटा नजर आ रहा है, जिससे आम लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है। 6 नवंबर 2026 को शहर के अलग-अलग हिस्सों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 382 से 391 के बीच दर्ज किया गया, जबकि रोहिणी और IIT दिल्ली जैसे इलाकों में यह आंकड़ा 474 तक जा पहुंचा है।
बढ़ते प्रदूषण के कारण लोग आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत कर रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह स्थिति बुजुर्गों, बच्चों और पहले से फेफड़ों या दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए बेहद जोखिम भरी हो सकती है।
निर्माण कार्यों पर लगी रोक, केवल 'ग्रीन' पटाखों की अनुमति
हवा की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शुक्रवार, 6 नवंबर को GRAP स्टेज III लागू कर दिया है। इसके तहत शहर में गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों, जैसे अर्थवर्क, पाइलिंग और ट्रेंचिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। साथ ही, माइनिंग और स्टोन क्रशिंग के काम को भी निलंबित कर दिया गया है। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं और जरूरी कार्यों को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, मौसम की मार, औद्योगिक गतिविधियों, वाहनों के उत्सर्जन और पराली जलने (जो PM2.5 स्तर में 19.2% योगदान दे रही है) की वजह से यह संकट गहराया है।
प्रदूषण का असर इस कदर है कि BCCI ने दिसंबर में दिल्ली में होने वाले एक अंतरराष्ट्रीय मैच को विशाखापट्टनम शिफ्ट कर दिया है। वहीं, दिवाली पर पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त निर्देश दिए हैं। कोर्ट के आदेशानुसार केवल प्रमाणित 'ग्रीन' पटाखों का ही उपयोग किया जा सकेगा। इसके लिए 7 और 8 नवंबर को सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक का समय तय किया गया है। साथ ही, अस्पताल और स्कूल जैसे साइलेंस जोन के 300 मीटर के दायरे में पटाखे चलाने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।
पूर्वानुमान के मुताबिक, 8 नवंबर तक दिल्ली की हवा 'गंभीर' से 'बहुत खराब' श्रेणी में बनी रह सकती है।