दिल्ली की हवा हुई जहरीली, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिए कड़े एक्शन के निर्देश
दिल्ली की हवा हुई जहरीली, कई इलाकों में AQI 400 के पार। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने उठाए कड़े कदम और वर्क फ्रॉम होम के निर्देश दिए।

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जिससे आम लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है। दिल्ली वायु गुणवत्ता गंभीर होने के बाद केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने स्थिति पर गहरी चिंता जताई है और आश्वासन दिया है कि सरकार इस समस्या से निपटने के लिए पूरी तरह सक्रिय है। उन्होंने बताया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) हवा की गति और दिशा जैसे मौसम संबंधी हालातों पर लगातार नजर रख रहा है ताकि समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें।
मंगलवार को शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 330 दर्ज किया गया, लेकिन कई इलाकों की स्थिति इससे कहीं ज्यादा भयावह है। जहांगीरपुरी में AQI 451, रोहिणी में 429 और पंजाबी बाग में 424 तक पहुंच गया है। इसके अलावा बवाना, नरेला, विवेक विहार, अलीपुर और दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी जैसे क्षेत्रों में भी प्रदूषण का स्तर 'गंभीर' श्रेणी में बना हुआ है।
प्रदूषण रोकने के लिए सरकार के कड़े कदम
केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि इस बार पराली जलाने की घटनाओं में पिछले सालों के मुकाबले कमी आई है और लगभग 40% धान की पराली का प्रबंधन सफलतापूर्वक किया गया है। प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए NCR में 2 नवंबर से GRAP के स्टेज-II को लागू कर दिया गया है। इसके तहत शहर में कई पाबंदियां लगाई गई हैं:
- सड़कों पर मैकेनिकल स्वीपिंग और एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल तेज कर दिया गया है।
- धूल को दबाने के लिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
- गैर-BS-VI वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी लगाई गई है।
- 5 नवंबर से 20 नवंबर तक निर्माण कार्यों और तोड़फोड़ पर पूरी तरह रोक रहेगी।
प्रदूषण के इस कहर के बीच सरकारी और निजी दफ्तरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने 50% कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (घर से काम) की सुविधा दें, ताकि सड़कों पर भीड़ कम हो और प्रदूषण का स्तर नीचे आ सके। सरकार अब IMD और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के पूर्वानुमानों के आधार पर आगे की रणनीति तय कर रही है।