दिल्ली की हवा हुई बेहद जहरीली, 96 घंटों में AQI 464 पहुंचा; GRAP-2 लागू
दिल्ली की हवा हुई जहरीली, AQI 464 के पार। प्रदूषण रोकने के लिए GRAP-2 लागू किया गया है। जानिए क्या हैं नए नियम।

राजधानी दिल्ली के लिए सांस लेना अब मुश्किल होता जा रहा है। पिछले महज 96 घंटों के भीतर शहर की दिल्ली एयर क्वालिटी में भारी गिरावट दर्ज की गई है। 30 अक्टूबर को जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 124 के साथ 'मध्यम' श्रेणी में था, वहीं 3 नवंबर की सुबह यह उछलकर 464 के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया, जिसे 'गंभीर' श्रेणी माना जाता है। दिवाली से ठीक पहले हवा की यह हालत प्रशासन और आम जनता के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, हवा की धीमी रफ्तार, गिरते तापमान और वायुमंडलीय स्थिरता की वजह से प्रदूषक तत्व हवा में ही फंसे रह गए हैं, जिससे धुंध की मोटी चादर छा गई है। इस संकट को और बढ़ाने में पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने से निकलने वाला धुआं, सड़कों पर दौड़ते वाहनों का उत्सर्जन, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और औद्योगिक प्रदूषण की बड़ी भूमिका है।
प्रदूषण रोकने के लिए सरकार ने कसी कमर
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 2 नवंबर से ग्रैडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का दूसरा चरण (Stage-II) लागू कर दिया है। इसके तहत अब शहर में कई कड़े कदम उठाए जा रहे हैं:
- नियमों का पालन न करने वाले वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है।
- प्रमुख ट्रैफिक कॉरिडोर पर मैकेनिकल रोड स्वीपिंग और धूल दबाने के उपाय किए जा रहे हैं।
- निर्माण और विध्वंस कार्यों की सख्त निगरानी की जा रही है ताकि धूल कम उड़े।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि आने वाले कुछ दिनों तक हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' से 'गंभीर' श्रेणी में बनी रह सकती है। वहीं, दिवाली के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने 4 से 6 नवंबर तक केवल 'ग्रीन पटाखों' की बिक्री की अनुमति दी है। इन पटाखों को चलाने के लिए 7 और 8 नवंबर को केवल तीन घंटे का समय दिया गया है, जबकि पारंपरिक पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध जारी रहेगा।