दिल्ली में हवा हुई बेहद जहरीली, नौरोजी नगर में AQI 416 पहुंचा; GRAP-II लागू
दिल्ली की हवा फिर हुई जहरीली, नौरोजी नगर समेत कई इलाकों में AQI 400 के पार पहुंचा। GRAP-II लागू, निर्माण कार्यों पर लगी रोक।

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। 5 नवंबर 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली वायु प्रदूषण की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि नौरोजी नगर रिंग रोड स्टेशन पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 416 दर्ज किया गया है, जो 'गंभीर' (Severe) श्रेणी में आता है। शहर के कई हिस्सों में सांस लेना दूभर हो गया है और हवा में जहर घुल चुका है।
केवल नौरोजी नगर ही नहीं, बल्कि दिल्ली के कई अन्य इलाकों में भी AQI 400 के पार निकल गया है। जहांगीरपुरी में सबसे खराब स्थिति रही जहां AQI 459 दर्ज किया गया। इसके अलावा पंजाबी बाग में 446, नरेला में 434, रोहिणी में 431, बवाना में 412 और एम्स व आरके पुरम में 402 का स्तर देखा गया है।
प्रदूषण से निपटने के लिए GRAP-II के कड़े इंतजाम
हवा की इस बदतर स्थिति को देखते हुए अब ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के दूसरे चरण (GRAP-II) को लागू कर दिया गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 30 अक्टूबर को ही निर्देश जारी कर दिए थे, जिसके तहत 5 नवंबर से 20 नवंबर 2026 तक कई एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। इसके तहत पूरे NCR क्षेत्र में धूल उड़ाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर सख्त पाबंदी लगा दी गई है। साथ ही, कुछ चुनिंदा जिलों में वर्क-फ्रोम-होम की व्यवस्था लागू की गई है ताकि सड़कों पर वाहनों का दबाव कम हो सके।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और CAQM के अनुसार, प्रदूषण बढ़ने के पीछे वाहनों से निकलने वाला धुआं और पराली जलाना मुख्य कारण हैं। इसके साथ ही मौसम का मिजाज भी इस समस्या को बढ़ा रहा है। हवा की रफ्तार कम होने और वायुमंडल की निचली परत के कारण प्रदूषक तत्व जमीन के करीब ही सिमट कर रह गए हैं।
खतरे की घंटी अभी शांत नहीं हुई है। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के मुताबिक, आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है। अनुमान है कि 6 और 7 नवंबर को वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' से गिरकर दोबारा 'गंभीर' श्रेणी में जा सकती है।