दिल्ली की हवा हुई जहरीली: 20 इलाकों में AQI 400 के पार, दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम

दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 20 इलाकों में AQI 400 के पार पहुंचा। CAQM ने दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम का आदेश दिया है।

Kittu Kumari5 November 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली की हवा हुई जहरीली: 20 इलाकों में AQI 400 के पार, दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम

राजधानी दिल्ली में सांस लेना एक बार फिर मुश्किल हो गया है। शहर की वायु गुणवत्ता (Air Quality) तेजी से गिरकर 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गई है। गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को सुबह 8 बजे तक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का औसत AQI लगभग 482 दर्ज किया गया। सबसे डराने वाली बात यह है कि शहर के कम से कम 20 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर प्रदूषण का स्तर 400 के पार जा चुका है।

अगर सबसे प्रदूषित इलाकों की बात करें, तो जहांगीरपुरी 459 के रीडिंग के साथ सबसे ऊपर है। इसके अलावा पंजाबी बाग, नरेला, रोहिणी, आरके पुरम, बवाना, दिल्ली यूनिवर्सिटी का नॉर्थ कैंपस, पटपड़गंज, अलीपुर, मुंडका और सोनिया विहार जैसे इलाकों की हवा भी बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है।

प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने कसी कमर

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बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने कड़े कदम उठाए हैं। अब 20 नवंबर तक सरकारी और निजी कार्यालयों में केवल 50% कर्मचारियों को ही बुलाया जाएगा, जबकि बाकी स्टाफ को वर्क-फ्रोम-होम (WFH) करना होगा। इसके साथ ही पूरे NCR में धूल उड़ाने वाले तोड़-फोड़ और बाहरी निर्माण कार्यों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। हालांकि, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, अस्पताल और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े जरूरी प्रोजेक्ट्स को इस पाबंदी से बाहर रखा गया है।

वर्तमान में ग्रैडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का दूसरा चरण लागू है। इसके तहत सड़कों की सफाई, पानी का छिड़काव और निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाने जैसे उपाय किए जा रहे हैं। दिल्ली नगर निगम (MCD) भी एक्शन मोड में है और खुले में कचरा जलाने या निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण न करने वालों के खिलाफ भारी चालान काटे जा रहे हैं।

भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के अनुसार, स्थानीय परिवहन, धूल, मौसम की प्रतिकूल स्थिति और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की वजह से प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। दिवाली के करीब होने के कारण डॉक्टरों ने बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। स्कूलों ने भी छात्रों को मास्क पहनने और बाहरी गतिविधियों को कम करने के निर्देश दिए हैं।

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