दिल्ली की एयर क्वालिटी लगातार पांचवें दिन 'संतोषजनक' श्रेणी में दर्ज, मंत्रियों ने गिनाए प्रदूषण नियंत्रण उपाय

नई दिल्ली (Hindusthan Samachar) के अनुसार, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 64 दर्ज किया गया है, जिससे यह लगातार पांचवें दिन 'संतोषजनक' (satisfactory) श्रेणी में बना हुआ है। राजधानी की हवा में इस लगातार सुधार को एक सकारात्मक रुझान माना जा रहा है। इसके अलावा, विवेक विहार सहित कई प्रमुख प्रदूषण हॉटस्पॉट (pollution hotspots) में भी काफी सुधार देखा गया है, जहां AQI 43 दर्ज किया गया जिसे 'अच्छा' (good) माना गया है। यह डेटा Hindusthan Samachar की रिपोर्ट के आधार पर सामने आया है।
सरकारी प्रयास और रणनीति
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सरसा ने मंगलवार को बताया कि राजधानी की एयर क्वालिटी में लगातार सुधार एक सुनियोजित रणनीति, वैज्ञानिक हस्तक्षेप और विभिन्न सरकारी एजेंसियों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि नागरिक पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ जीवन शैली अपना रहे हैं। सरकार सख्त प्रवर्तन, उन्नत धूल नियंत्रण उपायों, पुराने कचरे की बायोमाइनिंग (biomining), और प्रदूषण हॉटस्पॉट के प्रभावी प्रबंधन के जरिए दिल्ली को दुनिया की सबसे साफ और हरी राजधानियों में से एक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कचरा प्रबंधन और वाहन प्रदूषण पर कार्रवाई
प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को तेज करते हुए, पिछले 24 घंटों में लगभग 2,243 मीट्रिक टन निर्माण और विध्वंस (C&D) कचरे को वैज्ञानिक रूप से एकत्र और निस्तारित किया गया है। इसके अलावा, vehicular pollution (वाहन प्रदूषण) से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने पर 11,797 चालान जारी किए गए। समेकित कचरा प्रबंधन के तहत, भलस्वा, गाजीपुर और ओखला में म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट साइटों पर बायोमाइनिंग के जरिए लगभग 12,277 मीट्रिक टन पुराने कचरे का प्रसंस्करण किया गया है।
सड़क की धूल नियंत्रण और नागरिकों की भूमिका
सड़क की धूल को नियंत्रित करने के लिए दैनिक अभियानों के तहत 81 मैकेनिकल रोड स्वीपर्स को तैनात किया गया, जिन्होंने लगभग 2,502 किलोमीटर सड़कों की सफाई की और वैज्ञानिक निस्तारण के लिए लगभग 169 मीट्रिक टन सड़क की धूल एकत्र की। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के समन्वय से ट्रैफिक जाम और vehicular emissions को कम करने के प्रयास जारी हैं। मंत्री सरसा ने इस बात पर जोर दिया कि केवल सरकारी प्रयासों से प्रदूषण के खिलाफ यह लड़ाई नहीं जीती जा सकती, इसके लिए हर नागरिक को खुले में कचरा जलाने से बचने, वाहनों के रखरखाव और पेड़ लगाने जैसे जिम्मेदार कदम उठाने होंगे।