दिल्ली की हवा फिर हुई जहरीली, गिरते तापमान के बीच AQI 'खराब' श्रेणी में पहुंचा
दिल्ली की हवा फिर हुई जहरीली, AQI 218 पहुंचा। सरकार ने लागू किया विंटर एक्शन प्लान और वर्क फ्रॉम होम जैसे कड़े कदम।

देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ा है। 27 अक्टूबर 2026 को दिल्ली की दिल्ली एयर क्वालिटी आधिकारिक तौर पर 'खराब' (Poor) श्रेणी में पहुंच गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, शाम 7 बजे तक वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 218 दर्ज किया गया, जबकि शाम 4 बजे यह 197 था। पिछले तीन दिनों में AQI में 44 अंकों की बढ़ोतरी देखी गई है, जिसने शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
हवा में बढ़ते प्रदूषण का एक बड़ा कारण गिरता तापमान और मौसम का मिजाज है। 27 अक्टूबर को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 15.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले तीन सालों में अक्टूबर महीने का सबसे कम तापमान है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की रफ्तार 10 किमी प्रति घंटे से कम रहने और वेंटिलेशन इंडेक्स के 6,000 वर्ग मीटर प्रति सेकंड से नीचे गिरने की वजह से प्रदूषक तत्व हवा में ही टिके हुए हैं और बिखर नहीं पा रहे हैं। शहर के 55 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 27 पर हवा की स्थिति 'खराब' पाई गई, जिनमें जहांगीरपुरी का AQI सबसे ज्यादा 280 रहा।
प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार का 'विंटर एक्शन प्लान'
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए प्रशासन अब एक्शन मोड में नजर आ रहा है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने दिल्ली नगर निगम (MCD) के साथ समन्वय कर सड़कों की सफाई और कचरा हटाने के काम तेज करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'विंटर एक्शन प्लान 2026-27' का ऐलान किया है। यह 10 सूत्रीय योजना 1 नवंबर से 28 फरवरी तक लागू रहेगी।
इस एक्शन प्लान के तहत कई कड़े कदम उठाए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- दिल्ली के बाहर के कमर्शियल वाहनों के प्रवेश पर सख्त पाबंदी।
- बिना वैध PUC सर्टिफिकेट वाले वाहनों में ईंधन भरने पर पूरी तरह रोक।
- सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% वर्क-फ्रोम-होम (WFH) प्रोटोकॉल लागू करना।
फिलहाल दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में स्मॉग के प्रभाव को कम करने के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण को लागू रखा गया है, ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके।