दिल्ली की हवा फिर हुई जहरीली, AQI 'खराब' श्रेणी में पहुँचते ही GRAP स्टेज 1 लागू
दिल्ली की हवा फिर हुई जहरीली, AQI 'खराब' श्रेणी में पहुँचते ही GRAP स्टेज 1 लागू। जानें क्या हैं नए प्रतिबंध और विंटर एक्शन प्लान।

राजधानी दिल्ली में लंबे समय से चल रहा साफ हवा का सिलसिला आखिरकार टूट गया है। शहर की वायु गुणवत्ता (AQI) एक बार फिर 'खराब' श्रेणी में पहुँच गई है, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण (Stage I) को लागू कर दिया है। गौरतलब है कि इस सीजन में दिल्ली ने हवा की शुद्धता के मामले में कई रिकॉर्ड बनाए थे, लेकिन अब प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो 20 अक्टूबर तक हवा की स्थिति नियंत्रण में थी, लेकिन उसके बाद AQI में बड़ा उछाल देखा गया। 20 अक्टूबर को जो AQI 179 था, वह 21 अक्टूबर की दोपहर तक बढ़कर 244 हो गया और 22 अक्टूबर को यह 223 दर्ज किया गया। इस गिरावट के बाद कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने GRAP स्टेज 1 के तहत कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। अब eateries में तंदूरों के लिए कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है, साथ ही डीजल जनरेटरों के उपयोग पर भी पाबंदी है। दिल्ली सरकार ने कचरा जलाने वालों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाते हुए ओपन बर्निंग पर तत्काल प्रभाव से बैन लगा दिया है।
विंटर एक्शन प्लान और सख्त नियम
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि इस साल GRAP लागू होने में पिछले कई सालों के मुकाबले सबसे ज्यादा समय लगा है, क्योंकि 17 अक्टूबर तक शहर ने 211 दिनों तक 'अच्छी से मध्यम' वायु गुणवत्ता का आनंद लिया था। हालांकि, आने वाले समय की चुनौतियों को देखते हुए सरकार ने 1 नवंबर से एक व्यापक 'विंटर एक्शन प्लान' लागू करने का फैसला किया है।
इस प्लान के तहत कई कड़े कदम उठाए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:
- BS-VI मानक से कम वाले बाहरी राज्यों के वाहनों के प्रवेश पर रोक।
- 'नो PUCC, नो फ्यूल' नियम का सख्ती से पालन।
- पार्किंग शुल्क में दोगुनी बढ़ोतरी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों को सांस लेने का अधिकार दिलाने के लिए ये प्रगतिशील कदम उठाना बेहद जरूरी है। वहीं, धूल के प्रदूषण को कम करने के लिए NHAI ने एंटी-स्मॉग गन, वॉटर स्प्रिंकलर और रोड स्वीपिंग मशीनों की तैनाती बढ़ा दी है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी गाज गिरी है; CAQM ने MCD और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) के अधिकारियों को धूल नियंत्रण निर्देशों का पालन न करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आने वाले हफ्ते और भी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। वायुमंडलीय वैज्ञानिक गुफरान बेग और विशेषज्ञ सुनील दहिया के अनुसार, मौसम का प्रतिकूल होना, दशहरे के बाद बढ़े प्रदूषक और सीजनल पराली जलाने जैसी वजहें हवा की गुणवत्ता को और अधिक बिगाड़ सकती हैं।