दिल्ली में टूटा 100 दिनों का रिकॉर्ड, हवा हुई 'खराब'; GRAP-1 लागू
दिल्ली में 100 दिनों का रिकॉर्ड टूट गया है और हवा 'खराब' श्रेणी में पहुंच गई है। प्रशासन ने GRAP स्टेज 1 लागू कर दिया है।

राजधानी दिल्ली के लिए अच्छी खबर का सिलसिला अब थम गया है। मानसून के बाद हवा में जो रिकॉर्ड तोड़ सफाई देखी जा रही थी, वह 21 अक्टूबर 2026 को खत्म हो गई। दिल्ली ने पिछले 100 दिनों में पहली बार 'खराब' (Poor) श्रेणी की वायु गुणवत्ता दर्ज की है। साल 2015 में रिकॉर्ड रखना शुरू होने के बाद से यह पहली बार है जब 20 अक्टूबर तक शहर में हवा की गुणवत्ता खराब नहीं हुई थी, लेकिन अब यह सिलसिला टूट चुका है।
हवा की गुणवत्ता में यह गिरावट काफी तेजी से देखी गई। 21 अक्टूबर की दोपहर 2 बजे तक एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 179 से उछलकर 244 पर पहुंच गया। अगले दिन यानी 22 अक्टूबर को भी हालात नहीं सुधरे और AQI 245 दर्ज किया गया। शहर के कुछ इलाकों जैसे जहांगीरपुरी और चांदनी चौक में तो स्थिति और भी गंभीर रही, जहां सुबह के समय AQI 300 के पार चला गया और हवा 'बहुत खराब' (Very Poor) श्रेणी में पहुंच गई।
दशहरे के पटाखों ने बिगाड़ा दम, वर्क फ्रॉम होम के निर्देश
प्रशासन का मानना है कि दशहरे के दौरान छोड़े गए पटाखों की वजह से हवा में प्रदूषण का स्तर अचानक बढ़ा है। इस बिगड़ती स्थिति को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 21 अक्टूबर से ही दिल्ली-NCR में 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' (GRAP) के स्टेज 1 को लागू कर दिया है।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने पुष्टि की है कि नियमों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। नए प्रोटोकॉल के तहत अब निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:
- डीजल जनरेटर सेटों के इस्तेमाल पर सख्त पाबंदी।
- BS-IV या उससे पुराने मानक वाली बसों के संचालन पर सीमा।
- निर्माण स्थलों की कड़ी निगरानी और धूल नियंत्रण के उपाय।
- कचरा, प्लास्टिक और नगर निगम के ठोस कचरे को खुले में जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध।
- व्यावसायिक भोजनालयों में कोयले या लकड़ी के उपयोग पर रोक।
- सरकारी और निजी क्षेत्रों के लिए 50% वर्क-फ्रॉम-होम पॉलिसी लागू।
भविष्य की चेतावनी देते हुए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज, बेंगलुरु के प्रोफेसर गुफरान बेग ने कहा है कि अक्टूबर के अंत तक हवा की गुणवत्ता और गिर सकती है। मौसम विभाग और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के अनुमान के मुताबिक, यह खराब दौर जारी रहेगा। खासकर 8 नवंबर को दिवाली के बाद वाले हफ्ते में प्रदूषण का स्तर काफी चिंताजनक हो सकता है।