दिल्ली की हवा फिर हुई खराब, AQI 238 पार; सरकार ने लागू किया विंटर एक्शन प्लान

राजधानी दिल्ली के लोगों के लिए एक बार फिर प्रदूषण की चुनौती खड़ी हो गई है। बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को दिल्ली एयर क्वालिटी में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसके कारण शहर की हवा 'खराब' (Poor) श्रेणी में पहुंच गई है। जुलाई के मध्य के बाद यह पहली बार है जब हवा की गुणवत्ता इस स्तर तक गिरी है। सुबह 7 बजे AQI 219 था, जो देखते ही देखते सुबह 10 बजे तक बढ़कर 238 हो गया। अगर इसकी तुलना मंगलवार शाम से करें, तो उस समय AQI 179 था और हवा 'मध्यम' श्रेणी में थी।
शहर के कुछ इलाकों में तो हालात और भी ज्यादा चिंताजनक हैं। जहांगीरपुरी और पूसा जैसे मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 308 से 354 के बीच दर्ज किया गया, जिसे 'बहुत खराब' श्रेणी में रखा गया है। जानकारों का मानना है कि प्रदूषण का यह स्तर 23 अक्टूबर तक बना रह सकता है और 22 अक्टूबर को AQI 342 तक जाने की संभावना है। पर्यावरण अधिकारियों के मुताबिक, गिरता तापमान और हवा की धीमी रफ्तार प्रदूषकों को साफ नहीं होने दे रही है, जिससे हवा जहरीली होती जा रही है।
प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार का मास्टर प्लान
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक व्यापक 'विंटर एक्शन प्लान' की रूपरेखा तैयार की है। यह योजना 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी। इस प्लान के तहत कई कड़े कदम उठाए गए हैं:
- बाहरी वाहनों पर पाबंदी: 1 नवंबर से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड गैर-BS-VI वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। हालांकि, इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को इससे छूट दी गई है।
- नो PUC, नो फ्यूल: 1 अक्टूबर से ही यह नियम लागू है कि जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा।
- निर्माण कार्यों पर नजर: निर्माण और तोड़-फोड़ की गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए AI-आधारित कैमरों से निगरानी की जा रही है।
- वर्क फ्रॉम होम: उत्सर्जन कम करने के लिए सरकार ने सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और 50% होम-ऑफिस पॉलिसी लागू करने की सलाह दी है।