दिल्ली की हवा हुई खराब, AQI 227 पहुंचते ही बढ़ीं स्वास्थ्य समस्याएं

राजधानी दिल्ली में इस सीजन में पहली बार वायु गुणवत्ता गिरकर 'खराब' श्रेणी में पहुंच गई है। बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 227 दर्ज किया गया, जिससे लोगों की सेहत पर सीधा असर पड़ना शुरू हो गया है। प्रदूषण के इस बढ़ते स्तर ने खासकर आंखों से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा दिया है, जिससे अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ रही है।
डॉक्टर शरद लखोटिया, डॉ. बृजेश लहरी और डॉ. प्रियंका सिंह जैसे विशेषज्ञों ने बताया कि हवा में मौजूद PM2.5, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड जैसे प्रदूषकों के कारण लोगों की आंखों में लालिमा, सूखापन, जलन और पानी आने जैसी शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि इस दौरान कॉन्टैक्ट लेंस के इस्तेमाल से बचें और आंखों की नमी बनाए रखने के लिए आई ड्रॉप्स का उपयोग करें।
कुछ इलाकों में हालात और भी गंभीर, GRAP लागू होने की तैयारी
शहर के कुछ हिस्सों में तो स्थिति और भी चिंताजनक है। जहांगीरपुरी और पूसा जैसे इलाकों में AQI 300 के पार चला गया है, जिससे वहां की हवा 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंच गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, गिरते तापमान और हवा की धीमी गति की वजह से प्रदूषक तत्व हवा में ही फंस गए हैं, जिससे प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। साथ ही, इस सीजन में पहली बार पराली जलाने का असर PM2.5 स्तर पर 4.1% तक पहुंच गया है, जिसमें आगे और बढ़ोतरी होने की आशंका है।
हवा की गिरती गुणवत्ता को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) अब ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत पाबंदियां लगाने की तैयारी कर रहा है, क्योंकि AQI 230 के करीब पहुंच चुका है। गौरतलब है कि CAQM ने AQI के आधार पर चार स्तर तय किए हैं: खराब (201-300), बहुत खराब (301-400), गंभीर (401-450) और गंभीर प्लस (450 से ऊपर)।
सर्दियों में होने वाले इस सालाना संकट से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने एक स्थायी मास्टर प्लान भी अधिसूचित किया है। इसके तहत हर साल 1 नवंबर से 28 फरवरी तक सख्त नियम लागू रहेंगे, जिनमें निर्माण कार्यों पर रोक, वर्क-फ्रॉम-होम के निर्देश, पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी और अनिवार्य PUC सर्टिफिकेट जैसे कदम शामिल हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और गुरुग्राम नगर निगम जैसी संस्थाएं भी समन्वय कर रही हैं, हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में ही बनी रहेगी।