दिल्ली की हवा फिर हुई जहरीली, AQI 'खराब' श्रेणी में पहुंचा; सरकार ने तैयार किया एक्शन प्लान

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ा है, जिससे शहर की हवा अब 'संतोषजनक' से गिरकर 'खराब' और 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गई है। 17 अक्टूबर 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को जो औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 90 था, वह शनिवार को बढ़कर 159 हो गया। हालत यह है कि शहर के कई इलाकों में AQI 216 से 240 के बीच दर्ज किया गया है। शनिवार शाम तक दिल्ली के 12 रिहायशी और भीड़भाड़ वाले इलाकों में प्रदूषण का स्तर 200 के पार चला गया है।
विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है और 19 अक्टूबर तक हवा 'बहुत खराब' श्रेणी में जा सकती है। चिंता की बात यह है कि 23 अक्टूबर तक बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे प्रदूषण कम होने की उम्मीद कम है। इस बीच, शहर का न्यूनतम तापमान गिरकर 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो अक्सर प्रदूषण के स्तर को बढ़ाने में भूमिका निभाता है।
प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार की रणनीति
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने एक 11-सूत्रीय एक्शन प्लान तैयार किया है। मंत्री ने बताया कि दिल्ली में प्रदूषण का लगभग 17% हिस्सा वाहनों के उत्सर्जन से आता है। इसे रोकने के लिए 'नो PUC, नो फ्यूल' (बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र, ईंधन नहीं) नियम को सख्ती से लागू करने और इलेक्ट्रिक व CNG बसों के बेड़े को बढ़ाने पर जोर दिया गया है। साथ ही, शहर में 47 हॉटस्पॉट्स की पहचान की गई है, जहां प्रदूषण नियंत्रण के लिए विशेष प्रबंधन किया जाएगा।
दूसरी ओर, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में साल 2026 में अब तक 211 दिन हवा की गुणवत्ता 'अच्छी, संतोषजनक या मध्यम' रही है, जो कोविड वर्ष 2020 को छोड़कर 2016 के बाद का सबसे बेहतर प्रदर्शन है। हालांकि, सर्दियों की शुरुआत के साथ प्रदूषण में यह मौसमी बढ़ोतरी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
प्रशासन ने नियमों की अनदेखी करने वालों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 25 सितंबर से 9 अक्टूबर के बीच 124 निरीक्षण किए, जिनमें 55 उल्लंघन पाए गए। इसके चलते तीन फैक्ट्रियों को बंद करने का प्रस्ताव भेजा गया है। साथ ही, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने 40 निर्धारित स्थलों पर प्रदूषण नियंत्रण तकनीक लगाने के लिए टेंडर जारी किए हैं।