दिल्ली की हवा फिर हुई खराब, 70% मॉनिटरिंग स्टेशनों ने दर्ज किया 'Poor' AQI
दिल्ली की हवा फिर हुई खराब, 40 स्टेशनों ने दर्ज किया 'Poor' AQI। विवेक विहार में प्रदूषण सबसे ज्यादा, जानें क्या हैं नए नियम।

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है। बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को शहर की वायु गुणवत्ता (Air Quality) में भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालात इस कदर बिगड़े कि शहर के कुल 58 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों में से करीब 70 प्रतिशत यानी 40 स्टेशनों ने हवा की गुणवत्ता 'खराब' (Poor) श्रेणी में दर्ज की है। पिछले चार दिनों से हवा की स्थिति 'मध्यम' बनी हुई थी, लेकिन अब यह सिलसिला टूट गया है।
सुबह के समय शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 228 था, जो शाम 4 बजे तक बढ़कर 229 पर पहुंच गया। अगर सबसे खराब इलाकों की बात करें, तो विवेक विहार में प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा रहा, जहां AQI 316 से 323 के बीच दर्ज किया गया, जिससे यह इलाका 'बहुत खराब' (Very Poor) श्रेणी में आ गया। इसके अलावा जहांगीरपुरी में भी हवा की स्थिति काफी चिंताजनक रही।
प्रदूषण के कारण और सरकार की सख्ती
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, हवा में PM2.5 मुख्य प्रदूषक के रूप में पाया गया है। बुधवार को शहर के कुल प्रदूषण में ट्रांसपोर्ट सेक्टर की हिस्सेदारी 19.3 प्रतिशत रही। इसके अलावा सड़कों की धूल, निर्माण कार्य, औद्योगिक उत्सर्जन, कचरा जलाने और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने जैसे कारणों ने प्रदूषण को और बढ़ाया है। गौरतलब है कि 21 अक्टूबर को ही दिल्ली-NCR में GRAP के पहले चरण (Stage I) को लागू किया जा चुका है।
प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए 1 नवंबर से कई कड़े नियम लागू होने जा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:
- दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-BS-VI वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध।
- अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना किया जाएगा (28 फरवरी 2027 तक)।
- धूल पैदा करने वाले विध्वंस और बाहरी सिविल निर्माण कार्यों पर 31 जनवरी 2027 तक रोक।
- NCR में 'नो PUCC, नो फ्यूल' नियम का सख्ती से पालन होगा, यानी बिना प्रदूषण सर्टिफिकेट के पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा।
राहत की बात यह है कि दिल्ली के लिए 'अर्ली वार्निंग सिस्टम' ने 29 से 31 अक्टूबर तक हवा की गुणवत्ता 'मध्यम' रहने का अनुमान जताया है। साथ ही, IMD ने गुरुवार को मध्यम बारिश और शुक्रवार को गरज के साथ बारिश की संभावना जताई है, जिससे प्रदूषण के स्तर में कुछ कमी आने की उम्मीद है।