दिल्ली की हवा फिलहाल 'मध्यम', लेकिन अर्ली वार्निंग सिस्टम ने दी प्रदूषण बढ़ने की चेतावनी
दिल्ली में AQI 164 के साथ हवा मध्यम रही, लेकिन अर्ली वार्निंग सिस्टम ने प्रदूषण बढ़ने की चेतावनी दी है। जानें GRAP और विंटर एक्शन प्लान की डिटेल्स।

राजधानी दिल्ली में सोमवार सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 164 दर्ज किया गया, जिसके चलते हवा की स्थिति 'मध्यम' श्रेणी में रही। हालांकि, यह आंकड़ा एक तरफ राहत की खबर दे रहा है, तो दूसरी तरफ रियल-टाइम डेटा ने चिंता बढ़ा दी है, जहां AQI 235 तक पहुंच गया और स्थिति 'गंभीर' श्रेणी में नजर आई। दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण का स्तर अलग-अलग है, जिससे शहर के कई हिस्सों में सांस लेना मुश्किल हो रहा है।
शहर के विभिन्न मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो जहांगीरपुरी में AQI 246, विवेक विहार में 235, सीआरआरआई मथुरा रोड पर 231, पंजाबी बाग में 225 और आर के पुरम में 223 दर्ज किया गया। शहर के 60 में से 30 स्टेशनों पर PM2.5 मुख्य प्रदूषक पाया गया, जबकि मथुरा रोड पर PM10 का स्तर सबसे ज्यादा रहा। इसी बीच, कालिंदी कुंज के पास यमुना नदी में जहरीले सफेद झाग की तस्वीरें सामने आई हैं, जो पानी के गंभीर प्रदूषण की ओर इशारा करती हैं।
बढ़ सकता है प्रदूषण, सरकार ने कसी कमर
दिल्ली के लिए 'एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम' ने संकेत दिए हैं कि 26 से 28 अक्टूबर के बीच हवा की गुणवत्ता गिरकर 'खराब' श्रेणी में जा सकती है। इसके बाद अगले छह दिनों तक स्थिति 'खराब से मध्यम' रहने की संभावना है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 25 और 26 अक्टूबर को हवा की गति धीमी रही, जिससे प्रदूषक तत्व हवा में ही फंसे रह गए और बिखर नहीं पाए।
प्रदूषण से निपटने के लिए आयोग (CAQM) ने 21 अक्टूबर से ही GRAP के पहले चरण (Stage I) को लागू कर दिया है। इसके तहत रेस्टोरेंट के तंदूरों में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है और डीजल जनरेटर के उपयोग पर पाबंदियां लगाई गई हैं। इसके अलावा, दिल्ली सरकार 1 नवंबर से 28 फरवरी तक अपना 'विंटर एक्शन प्लान' शुरू करने जा रही है। इस योजना में 'नो PUC, नो फ्यूल' की सख्त नीति अपनाई जाएगी और गैर-BS-VI वाहनों के शहर में प्रवेश पर रोक लगाई जाएगी।
पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि इस साल दिल्ली में 211 दिन 'अच्छी', 'संतोषजनक' और 'मध्यम' वायु गुणवत्ता दर्ज की गई है। साल 2020 को छोड़कर, 2016 के बाद से यह दिल्ली का सबसे बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है।