दिल्ली की हवा फिर हुई जहरीली, 83 दिनों के सबसे निचले स्तर पर पहुंची एयर क्वालिटी

राजधानी दिल्ली के निवासियों के लिए एक बार फिर प्रदूषण की चिंता बढ़ गई है। शहर की दिल्ली एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) पिछले 83 दिनों के सबसे खराब स्तर पर पहुंच गई है। रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को शहर का औसत AQI 187 दर्ज किया गया। हालांकि समग्र रूप से हवा 'मध्यम' श्रेणी में रही, लेकिन शहर के कई इलाकों में स्थिति काफी चिंताजनक रही। मुंडका में AQI 273 तक जा पहुंचा, जिसे खतरनाक श्रेणी में माना जाता है।
शहर में मौजूद 43 निगरानी केंद्रों में से 14 ने हवा की गुणवत्ता 'खराब' बताई है। इनमें नरेला (257) और जहांगीरपुरी (237) जैसे इलाके शामिल हैं। सोमवार सुबह 8 बजे तक औसत AQI 179 रहा, जिसमें PM10 मुख्य प्रदूषक के रूप में सामने आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि हवा की गति कम होने के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में ही जमा हो रहे हैं और बिखर नहीं पा रहे हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता गिर रही है।
प्रदूषण रोकने के लिए सरकार के कड़े कदम और आगामी पाबंदियां
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 1 अक्टूबर से ही सर्दियों के लिए प्रदूषण नियंत्रण के पहले चरण की शुरुआत कर दी है। इसके तहत 'नो PUCC, नो फ्यूल' जैसी सख्त पॉलिसी लागू की गई है। हाल ही में दिल्ली के अंदर और बाहरी इलाकों में 25 सड़कों का निरीक्षण किया गया, जिसमें धूल और निर्माण मलबे से जुड़े 17 उल्लंघन पाए गए, जिस पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने साफ किया है कि अब ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) केवल आपातकालीन उपाय नहीं, बल्कि दिल्ली के प्रदूषण प्रबंधन का एक स्थायी हिस्सा बन चुका है। आने वाले दिनों के लिए मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी है कि अगले तीन दिनों में हवा की गुणवत्ता और गिर सकती है क्योंकि बारिश की संभावना बहुत कम है।
अगर स्थिति नहीं सुधरी, तो 1 नवंबर 2026 से GRAP के दूसरे चरण के तहत और भी सख्त नियम लागू किए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:
- गैर-BS-VI बाहरी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध।
- दफ्तरों में 50% कर्मचारियों के लिए वर्क-फ्रॉम-होम का आदेश।
- पार्किंग शुल्क में दोगुनी बढ़ोतरी।