दिल्ली की हवा हुई जहरीली, AQI 389 के पार; GRAP-II लागू
दिल्ली की हवा हुई जहरीली, AQI 389 के पार। प्रशासन ने GRAP-II लागू किया और निर्माण कार्यों पर लगाई रोक।

राजधानी दिल्ली में सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है। 6 नवंबर, 2026 की सुबह 8 बजे तक शहर का औसत दिल्ली एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 389 दर्ज किया गया, जिसने हवा की गुणवत्ता को 'बेहद खराब' (Very Poor) श्रेणी में डाल दिया है। हालत यह है कि पिछले चार दिनों से शहर लगातार इसी श्रेणी में बना हुआ है। कुछ इलाकों में तो स्थिति और भी गंभीर है; आईआईटी दिल्ली और रोहिणी जैसे मॉनिटरिंग स्टेशनों पर प्रदूषण का स्तर 474 तक पहुंच गया है, जिसे 'गंभीर' (Severe) माना जाता है।
प्रदूषण से निपटने के लिए प्रशासन ने उठाए कड़े कदम
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए अधिकारियों ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान के दूसरे चरण (GRAP-II) को लागू कर दिया है। सड़कों की सफाई के लिए पानी के छिड़काव वाले ट्रकों को तैनात किया गया है और सड़कों की सफाई की फ्रीक्वेंसी बढ़ा दी गई है। आम जनता को राहत देने और ट्रैफिक कम करने के लिए दिल्ली मेट्रो ने वर्किंग डेज में 20 अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का फैसला किया है, साथ ही सरकारी दफ्तरों के लिए काम के घंटों में बदलाव (Staggered hours) किया गया है।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए 5 से 20 नवंबर तक पूरे NCR क्षेत्र में धूल पैदा करने वाले निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर पाबंदी लगा दी है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने 7 और 8 नवंबर को निर्धारित समय के भीतर केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति दी है।
विशेषज्ञों और एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम (AQEWS) का अनुमान है कि 8 नवंबर तक हवा की स्थिति 'गंभीर' और 'बेहद खराब' के बीच झूलती रहेगी। दिवाली के वीकेंड पर स्थिति और बिगड़ने की आशंका है। इसका मुख्य कारण कम हवा की गति और गिरता तापमान है, जिससे प्रदूषक तत्व जमीन के करीब ही फंस जाते हैं। पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने को इस जहरीली हवा का सबसे बड़ा कारण बताया है।