दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 82 दिनों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा AQI

राजधानी दिल्ली के लिए अक्टूबर महीने की शुरुआत काफी खराब रही है। रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को शहर की दिल्ली वायु गुणवत्ता में भारी गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले चार सालों में अक्टूबर की सबसे प्रदूषित शुरुआत है। सुबह 10 बजे तक शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 196 तक पहुंच गया, जो पिछले 82 दिनों का सबसे ऊंचा स्तर है।
प्रदूषण का असर शहर के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग देखा गया। जहां आईटीओ स्टेशन पर AQI 125 रहा, वहीं द्वारका सेक्टर 8 के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मलेरिया रिसर्च स्टेशन पर यह आंकड़ा 374 तक जा पहुंचा। कुल 43 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 22 ने हवा की गुणवत्ता 'खराब' बताई है। मुंडका (282), नरेला (262), जहांगीरपुरी (248) और ओखला (232) जैसे इलाकों में प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा रहा।
GRAP लागू होने की आहट और सख्त नियम
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर AQI 200 के पार गया, तो ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण तुरंत लागू कर दिया जाएगा। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले एक हफ्ते तक बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की विदाई के बाद हवा की गति कम हो गई है, जिससे स्थानीय उत्सर्जन हवा में ही फंस गया है।
प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं:
- 1 अक्टूबर से पेट्रोल पंपों पर 'नो PUCC, नो फ्यूल' नियम को ANPR सिस्टम के जरिए सख्ती से लागू किया जा रहा है।
- 1 नवंबर से दिल्ली में प्रवेश करने वाली बसों के लिए CNG, इलेक्ट्रिक या BS-VI डीजल इंजन अनिवार्य होगा।
- 1 जनवरी 2027 से डिलीवरी सेवाओं और एग्रीगेटर्स को अपने बेड़े में नए पेट्रोल-डीजल वाहन जोड़ने पर रोक होगी।
वहीं, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने रिंग रोड के विभिन्न हिस्सों में सड़क की धूल और निर्माण मलबे से जुड़े 17 उल्लंघन पाए हैं, जिसके बाद PWD को तुरंत सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। इस बीच, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) लोगों से सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने की अपील कर रहा है ताकि प्रदूषण के प्रभाव को कम किया जा सके।