दिल्ली में जहरीली हुई हवा, AQI 370 के पार; कई इलाकों में प्रदूषण 'गंभीर'
दिल्ली की हवा हुई जहरीली, AQI 370 पहुंचा। जहांगीरपुरी और रोहिणी समेत कई इलाकों में प्रदूषण गंभीर स्तर पर, GRAP-II लागू।

देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर प्रदूषण के गंभीर संकट से जूझ रही है। 5 नवंबर 2026 को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 370 के स्तर पर पहुंच गया है, जिससे शहर की हवा काफी जहरीली हो गई है। स्थिति इतनी चिंताजनक है कि शहर के 10 अलग-अलग मॉनिटरिंग स्टेशनों ने 'गंभीर' (Severe) श्रेणी का प्रदूषण दर्ज किया है। सुबह के समय तो हालात और भी खराब थे, जब सुबह 8:01 बजे कुछ जगहों पर AQI 482 तक जा पहुंचा।
अगर सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों की बात करें, तो जहांगीरपुरी में AQI 460 तक दर्ज किया गया। इसके अलावा पंजाबी बाग, नरेला, रोहिणी, आईआईटी दिल्ली, आर के पुरम, बवाना, दिल्ली यूनिवर्सिटी का नॉर्थ कैंपस और पटपड़गंज जैसे इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर 400 के पार है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है।
GRAP-II लागू, दिवाली से पहले बिगड़ने की आशंका
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए प्रशासन ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP-II) के दूसरे चरण को लागू कर दिया है। इसके तहत धूल को नियंत्रित करने के लिए निर्माण और तोड़फोड़ (Construction and Demolition) गतिविधियों पर पाबंदी लगा दी गई है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने पुष्टि की है कि हवा की गति और प्रदूषकों के बहाव के आधार पर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
आने वाले दिनों में स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। अनुमान है कि 6 और 7 नवंबर के बीच प्रदूषण का स्तर और गिर सकता है, क्योंकि 8 नवंबर को दिवाली का त्योहार है। फिलहाल हवा में PM2.5 और PM10 जैसे हानिकारक कणों की मात्रा काफी ज्यादा है।
प्रदूषण के कारणों पर नजर डालें तो सरकार का दावा है कि पराली के प्रबंधन के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की रिपोर्ट कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अभी भी खेतों में आग (Farm Fires) देखी जा रही है, जिसका सीधा असर दिल्ली-एनसीआर की हवा पर पड़ रहा है।