दिल्ली की हवा हुई बेहद जहरीली, AQI 605 के पार; GRAP-2 लागू
दिल्ली की हवा हुई जहरीली, AQI 605 के पार। प्रशासन ने GRAP-II लागू किया और मेट्रो की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई।

देश की राजधानी दिल्ली में सांस लेना अब मुश्किल होता जा रहा है। बुधवार, 4 नवंबर 2026 की सुबह शहर का दिल्ली एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 605 के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया, जो 'गंभीर' श्रेणी में आता है। चारों तरफ छाई घनी धुंध और स्मॉग ने न केवल दृश्यता कम कर दी है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा खतरा पैदा कर दिया है।
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, शहर के अलग-अलग हिस्सों में प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा रहा। पंजाबी बाग में AQI 452, आरके पुरम में 423, आईटीओ पर 418 और धौला कुआं में 417 दर्ज किया गया। इसके अलावा इंडिया गेट (414) और गाजीपुर (410) में भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रही। चांदनी चौक और आईजीआई एयरपोर्ट जैसे इलाकों में स्थिति 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज की गई है।
प्रदूषण रोकने के लिए प्रशासन ने कसी कमर
हवा की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 2 नवंबर से ही पूरे एनसीआर में GRAP-II (Graded Response Action Plan) लागू कर दिया है। इसके तहत अब दिल्ली-गुरुग्राम और गाजीपुर बॉर्डर पर वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है। धूल को दबाने के लिए सड़कों पर पानी का छिड़काव और मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों का इस्तेमाल बढ़ाया गया है। साथ ही, निर्माण स्थलों पर निगरानी कड़ी कर दी गई है ताकि धूल न उड़े।
आम जनता को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने ट्रेनों के फेरे बढ़ा दिए हैं।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि सरकार मौसम की स्थितियों पर करीब से नजर रख रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों की तुलना में पराली जलाने की घटनाओं में कमी आई है और लगभग 40% धान के अवशेषों का प्रबंधन एक्स-सीटू (ex-situ) तरीकों से किया गया है।
हालांकि, एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम (AQEWS) की मानें तो आने वाले कुछ दिन और मुश्किल हो सकते हैं। हवा की धीमी गति और प्रतिकूल मौसम के कारण प्रदूषक तत्व हवा में ही जमा रहेंगे, जिससे 6 नवंबर तक हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' से 'गंभीर' श्रेणी में रहने का अनुमान है।