दिल्ली में AQI गिरकर 223 हुआ, लेकिन हवा की स्थिति अब भी 'खराब'
दिल्ली में AQI मामूली रूप से गिरकर 223 हुआ, लेकिन हवा अभी भी 'खराब' श्रेणी में है। GRAP स्टेज-1 लागू कर प्रदूषण रोकने की तैयारी।

देश की राजधानी दिल्ली में सांस लेना एक बार फिर मुश्किल होता जा रहा है। शुक्रवार सुबह 8 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 223 दर्ज किया गया, जो इसे 'खराब' श्रेणी में रखता है। हालांकि, गुरुवार सुबह की तुलना में इसमें मामूली गिरावट आई है, जब AQI 226 था, लेकिन यह मामूली सुधार आम लोगों को राहत देने के लिए काफी नहीं है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, शहर के अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण का स्तर काफी अधिक बना हुआ है। जहांगीरपुरी में AQI 284, रोहिणी में 281 और पंजाबी बाग में 275 दर्ज किया गया। इसके अलावा बवाना (269), पटपड़गंज (263), अलीपुर (257), चांदनी चौक (245) और आया नगर (231) जैसे इलाकों में भी हवा की गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में रही। वहीं, अशोक विहार में 192 का AQI दर्ज हुआ, जो 'मध्यम' श्रेणी में आता है।
प्रदूषण रोकने के लिए GRAP स्टेज-1 लागू
हवा की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का स्टेज-I लागू कर दिया है। यह फैसला एक सब-कमेटी की बैठक के बाद लिया गया, जिसमें प्रदूषण को और ज्यादा बढ़ने से रोकने के लिए निवारक उपायों पर चर्चा की गई।
इस दिशा में कदम उठाते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एक अंतर-राज्य समन्वय बैठक की। इस बैठक में कई कड़े फैसलों पर चर्चा हुई, जिनमें शामिल हैं:
- दिल्ली की सीमाओं पर उन बसों को मोड़ना जो नियमों का पालन नहीं कर रही हैं।
- 1 नवंबर से 31 जनवरी तक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू करना।
- वाहनों के प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) की सख्ती से जांच करना।
- सड़कों की धूल और निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण पर लगाम लगाना।
प्रशासन ने सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि CAQM के दिशा-निर्देशों को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए ताकि हवा की गुणवत्ता में सुधार हो सके और स्थिति और अधिक गंभीर न हो।