रिकॉर्ड तोड़ बारिश से दिल्ली की हवा हुई साफ, AQI 'सैटिस्फैक्टरी' स्तर पर पहुंचा

दिल्ली में रिकॉर्ड तोड़ बारिश के बाद AQI में भारी गिरावट आई है। जानें कैसे मौसम ने बदली राजधानी की हवा की सूरत।

Kittu Kumari30 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
रिकॉर्ड तोड़ बारिश से दिल्ली की हवा हुई साफ, AQI 'सैटिस्फैक्टरी' स्तर पर पहुंचा

राजधानी दिल्ली के लोगों के लिए शुक्रवार की सुबह एक बड़ी राहत लेकर आई। पिछले कुछ दिनों से प्रदूषण के बोझ तले दबी दिल्ली की हवा में अचानक सुधार देखा गया है। भारी बारिश के बाद दिल्ली की एयर क्वालिटी सुधार (Delhi Air Quality Improvement) दर्ज की गई है, जिससे शहर की हवा 'मॉडरेट' और 'सैटिस्फैक्टरी' स्तर पर पहुंच गई है।

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह 7 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) गिरकर 111 पर आ गया था। इसके बाद सुबह 9:30 बजे यह और बेहतर होकर 90 के स्तर पर पहुंच गया, जिसे 'सैटिस्फैक्टरी' श्रेणी में रखा गया। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ इसमें थोड़ा उतार-चढ़ाव देखा गया और यह 108 तक पहुंचा, लेकिन फिर भी यह पिछले कई दिनों के मुकाबले काफी बेहतर स्थिति है।

कुदरती 'स्क्रबर' बनी बारिश, गिरा तापमान

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भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि यह बारिश दिल्ली के लिए पिछले चार सालों में अक्टूबर महीने का सबसे गीला दिन था। साथ ही, 2022 के बाद इस महीने में यह सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 5.6 डिग्री कम था और पिछले चार वर्षों में अक्टूबर का सबसे कम अधिकतम तापमान था।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बारिश ने एक प्राकृतिक 'स्क्रबर' की तरह काम किया, जिसने हवा में मौजूद PM10 और PM2.5 के कणों को नीचे बैठा दिया। इसके साथ ही उत्तर-पूर्वी हवाओं ने प्रदूषकों को शहर से बाहर धकेलने में मदद की। इससे पहले 21 अक्टूबर को दिल्ली का AQI 245 तक पहुंच गया था, जो पिछले 100 दिनों का उच्चतम स्तर था और इसके कारण GRAP के पहले चरण को लागू करना पड़ा था।

प्रदूषण के मुख्य कारणों में पड़ोसी राज्यों में पराली जलाना शामिल है। सैटेलाइट डेटा के अनुसार, 28 अक्टूबर को छह राज्यों में 205 खेत जलते पाए गए, जिनमें अकेले पंजाब में 96 आग देखी गई। इसके अलावा वाहनों, उद्योगों और निर्माण कार्यों से निकलने वाला धुआं भी हवा को जहरीला बना रहा था।

हालांकि, यह राहत ज्यादा लंबी नहीं चलेगी। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के मुताबिक, शनिवार तक हवा 'मॉडरेट' बनी रहेगी, लेकिन रविवार, 1 नवंबर से वायु गुणवत्ता के फिर से 'खराब' (Poor) होने की आशंका है। SAFAR के संस्थापक गुफरान बेग और अन्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि पोस्ट-मानसून सीजन में हवा की गति कम होने और वायुमंडलीय स्थिरता के कारण प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ सकता है।

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