दिल्ली की हवा हुई साफ: भारी बारिश और सरकारी एक्शन से AQI गिरा, मिला सालों का रिकॉर्ड
भारी बारिश और सरकारी कोशिशों से दिल्ली की हवा में आया सुधार, AQI 60 के स्तर पर पहुंचा जो 2022 के बाद सबसे बेहतर है।

राजधानी दिल्ली के लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है। शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को दिल्ली की वायु गुणवत्ता (AQI) गिरकर 60 के स्तर पर आ गई, जिससे हवा 'संतोषजनक' श्रेणी में पहुंच गई। यह सुधार पिछले कई सालों में सबसे बड़ा माना जा रहा है, क्योंकि 10 अक्टूबर 2022 के बाद से दिल्ली ने इतना साफ दिन नहीं देखा था।
हवा में इस जादुई बदलाव की सबसे बड़ी वजह पिछले दो दिनों से हो रही बेमौसम बारिश रही। 30 अक्टूबर की सुबह तक शहर में 61.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो पिछले चार सालों में अक्टूबर महीने का सबसे गीला दिन था। इस बारिश ने न केवल धूल और प्रदूषण को जमीन पर बैठा दिया, बल्कि अक्टूबर महीने की कुल बारिश को 123.3 मिमी तक पहुंचा दिया, जो सामान्य औसत से आठ गुना ज्यादा है। आंकड़ों की बात करें तो अक्टूबर 2026 का औसत AQI 167 रहा, जो 2015 के बाद का सबसे निचला मासिक औसत है।
सरकार की 'विंटर एक्शन प्लान' और जनता का सहयोग
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने इस उपलब्धि का श्रेय अनुकूल मौसम के साथ-साथ सरकार की 'टारगेटेड एक्शन' रणनीति को दिया है। उन्होंने साफ किया कि सरकार प्रदूषण के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है और इस मुहिम में जनता का सहयोग भी सराहनीय रहा है।
मंत्री ने जानकारी दी कि 17 अक्टूबर 2026 तक दिल्ली ने 211 ऐसे दिन देखे जिनमें हवा की गुणवत्ता 'अच्छी, संतोषजनक या मध्यम' रही। यह 2020 को छोड़कर 2016 के बाद का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है, जिसने 2024 (209 दिन) और 2025 (200 दिन) के रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने 2026-27 के लिए एक व्यापक विंटर एक्शन प्लान लागू किया है, जिसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- नो PUC, नो फ्यूल: 1 अक्टूबर से बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के ईंधन न देने की नीति लागू है।
- सड़कों की सफाई: धूल कम करने के लिए 854 सड़कों पर मशीनीकृत स्वीपिंग का विस्तार किया गया है।
- GRAP लागू: 21 अक्टूबर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण प्रभावी है।
हालांकि, राहत की इस खबर के बीच प्रशासन सतर्क है। पूर्वानुमान है कि 1 नवंबर से हवा की गुणवत्ता फिर से गिर सकती है। इसे रोकने के लिए सरकार 1 नवंबर 2026 से शुरुआती 2027 तक पार्किंग शुल्क दोगुना करने और निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध जैसे कड़े कदम उठाने की तैयारी में है।