दिल्ली की हवा हुई 'जहरीली', AQI 428 के पार; सांस लेना हुआ दूभर
दिल्ली की हवा अब 'खतरनाक' श्रेणी में है। AQI 428 के पार गया, प्रशासन ने वाहनों की चेकिंग तेज की और भारी संख्या में चालान काटे।

राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर डराने लगा है। सोमवार को दिल्ली वायु प्रदूषण की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 385 से 428 के बीच दर्ज किया गया, जो 'गंभीर' से लेकर 'खतरनाक' श्रेणी में आता है। शहर के कई इलाकों में धुंध की चादर छाई हुई है और हवा की गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, रोहिणी में AQI 396 तक पहुंच गया, जबकि अलीपुर में 375 और विवेक विहार में 370 दर्ज किया गया। नरेला में यह आंकड़ा 363 रहा। वहीं, चांदनी चौक (358), अक्षरधाम मंदिर और आईटीओ (349 प्रत्येक) समेत इंडिया गेट और जनपथ (335) जैसे इलाकों में भी हवा की स्थिति 'बहुत खराब' श्रेणी में रही। हालांकि, आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर AQI 263 और आनंद विहार में 242 दर्ज किया गया, लेकिन यह भी स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक है।
प्रशासन सख्त: हजारों वाहनों की चेकिंग और भारी चालान
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार और ट्रैफिक पुलिस एक्शन मोड में नजर आ रही हैं। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि प्रदूषण को रोकने के लिए प्रवर्तन टीमें सड़कों पर उतरी हुई हैं। उन्होंने जानकारी दी कि 1 नवंबर को कुल 14,930 वाहनों की जांच की गई, जिसमें से 566 वाहनों के खिलाफ PUC सर्टिफिकेट न होने पर चालान काटे गए। इसके अलावा, धूल नियंत्रण के लिए 300 निर्माण स्थलों का निरीक्षण भी किया गया।
दूसरी ओर, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत सख्ती बढ़ा दी है। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, 1 नवंबर को 7,279 वाहनों की चेकिंग की गई, जिसमें से 714 वाहनों को वापस लौटाया गया और 38 वाहनों को जब्त (इम्पॉउंड) किया गया। पुलिस ने पड़ोसी जिलों के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक भी की है ताकि प्रतिबंधों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। जनता को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया, रेडियो और प्रिंट मीडिया का सहारा लिया जा रहा है और सीमाओं पर सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं।