दिल्ली की हवा हुई जहरीली, AQI 482 पार; कई इलाकों में 400 के ऊपर पहुंचा प्रदूषण स्तर
दिल्ली की हवा हुई जहरीली, AQI 482 पहुंचा। निर्माण कार्यों पर रोक और वर्क फ्रॉम होम के निर्देश जारी।

राजधानी दिल्ली में सांस लेना मुश्किल हो गया है। 5 नवंबर 2026 की सुबह जब लोग सोकर उठे, तो शहर को एक घने जहरीले कोहरे ने घेर लिया। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 8:01 बजे दिल्ली का ओवरऑल एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 482 दर्ज किया गया, जो 'गंभीर' श्रेणी में आता है। शहर के 18 से ज्यादा मॉनिटरिंग स्टेशनों पर प्रदूषण का स्तर 400 के पार चला गया है, जिससे दिल्ली की हवा बेहद खतरनाक हो गई है।
सबसे बुरा हाल जहांगीरपुरी का है, जहां AQI 459 तक पहुंच गया। इसके अलावा IIT दिल्ली (451), पंजाबी बाग (446), विवेक विहार (440), अलीपुर (438), नरेला (434), रोहिणी (434), RK पुरम (420), बवाना (412), नॉर्थ कैंपस (408) और पटपड़गंज (405) जैसे इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब है। जहरीली धुंध की वजह से विजिबिलिटी कम हो गई है और लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है।
GRAP-2 लागू: निर्माण कार्यों पर रोक और वर्क फ्रॉम होम के निर्देश
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज II को लागू कर दिया है। 5 नवंबर से 20 नवंबर 2026 तक धूल उड़ाने वाले सभी निर्माण और तोड़-फोड़ (C&D) कार्यों पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। इसके साथ ही, सरकारी और निजी दफ्तरों को निर्देश दिया गया है कि वे केवल 50% स्टाफ को ही ऑफिस बुलाएं और बाकी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) दें। हालांकि, अस्पताल, राष्ट्रीय सुरक्षा प्रोजेक्ट्स और सफाई सेवाओं जैसे जरूरी कामों को इस नियम से बाहर रखा गया है।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि सरकार मौसम की स्थितियों पर लगातार नजर रख रही है। IMD और IITM के तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, 7 नवंबर तक स्थिति गंभीर बनी रह सकती है। प्रदूषण के मुख्य कारणों में वाहनों का धुआं और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाना शामिल है। ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने 4 नवंबर को छह राज्यों में सैकड़ों पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की हैं, जिसके बाद CAQM ने पंजाब के जिला अधिकारियों को लापरवाही के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।