दिल्ली में बिगड़ी हवा: GRAP स्टेज 1 लागू, मंत्री बोले- पिछली सरकारें रही नाकाम

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर प्रदूषण का साया गहराने लगा है। हवा की गुणवत्ता गिरने के बाद कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने दिल्ली-NCR में ग्रैडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का स्टेज 1 लागू कर दिया है। जैसे ही वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में पहुंची, राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने इस स्थिति के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पिछले 10-12 सालों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री सिरसा ने तीखे शब्दों में कहा कि पिछले एक दशक से दिल्ली की हवा लगातार प्रदूषित होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारें केवल बहाने बनाती रहीं और कभी पंजाब, तो कभी उत्तर प्रदेश, हरियाणा या राजस्थान पर दोष मढ़ती रहीं, लेकिन जमीनी स्तर पर प्रदूषण रोकने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
प्रदूषण पर सरकार का दावा और भविष्य की रणनीति
भले ही वर्तमान में हवा की गुणवत्ता गिरी हो, लेकिन मंत्री ने कुछ सकारात्मक आंकड़ों का हवाला भी दिया। उन्होंने दावा किया कि इस साल दिल्ली ने 214 दिन 'अच्छी' या 'मध्यम' वायु गुणवत्ता दर्ज की है, जो कोविड-19 के साल को छोड़कर पिछले 12 वर्षों का सबसे बेहतर रिकॉर्ड है। सिरसा के अनुसार, यह उपलब्धि सरकार के दीर्घकालिक उपायों और दिल्ली की जनता के सहयोग का परिणाम है।
सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि सड़कों से धूल हटाने, हर सड़क की पूरी तरह से पेविंग (कार्पेटिंग) करने और पेट्रोल-डीजल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने जैसे बड़े बदलाव किए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि GRAP स्टेज 1 लागू करने का फैसला एक सब-कमेटी की बैठक के बाद लिया गया। आंकड़ों के मुताबिक, 20 अक्टूबर को दिल्ली का AQI 179 (मध्यम) था, जो 21 अक्टूबर की दोपहर 2 बजे तक तेजी से बढ़कर 244 (खराब) हो गया। मौसम विभाग (IMD) और IITM के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में भी वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में रहने की संभावना है।