दिल्ली की हवा हुई जहरीली: AQI 300 के पार, GRAP-1 लागू होने से बढ़ी सख्ती

दिल्ली की हवा हुई जहरीली, AQI 300 के पार पहुंचा। GRAP-1 लागू होने के साथ ही वर्क फ्रॉम होम और वाहनों पर पाबंदी जैसे कड़े कदम उठाए गए हैं।

Kittu Kumari22 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली की हवा हुई जहरीली: AQI 300 के पार, GRAP-1 लागू होने से बढ़ी सख्ती

देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर प्रदूषण के गंभीर संकट से जूझ रही है। शहर की दिल्ली एयर क्वालिटी इतनी खराब हो गई है कि कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 के पार पहुंच गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के पहले चरण यानी GRAP-1 को लागू कर दिया है।

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 22 अक्टूबर की सुबह शहर का ओवरऑल AQI 226 दर्ज किया गया, जो पिछले दिन के 179 से काफी ज्यादा है। सबसे डराने वाली बात यह है कि शहर के 42 निगरानी केंद्रों में से 32 पर AQI 200 के ऊपर रहा। जहांगीरपुरी में यह स्तर 309 तक पहुंच गया, जबकि विवेक विहार और चांदनी चौक जैसे इलाकों में भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रही। इंडिया गेट, कर्तव्य पथ और अक्षरधाम जैसे प्रमुख स्थलों पर घना स्मॉग देखा गया है।

वर्क फ्रॉम होम और वाहनों पर पाबंदी: 'विंटर एक्शन प्लान' की तैयारी

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प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक के लिए एक 'विंटर एक्शन प्लान' तैयार किया है। इस योजना के तहत कई कड़े फैसले लिए गए हैं:

  • वर्क फ्रॉम होम: सभी सरकारी और निजी कार्यालयों में 50% कर्मचारियों के लिए घर से काम करना अनिवार्य होगा।
  • वाहनों पर रोक: BS-6 मानक पूरे न करने वाले वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर पाबंदी होगी। हालांकि, इलेक्ट्रिक, CNG और एम्बुलेंस को इससे छूट मिलेगी।
  • पार्किंग शुल्क: मेट्रो सुविधाओं को छोड़कर अन्य जगहों पर पार्किंग फीस दोगुनी कर दी जाएगी।
  • ऑफिस समय में बदलाव: MCD और दिल्ली सरकार के कार्यालयों के कामकाज के समय में बदलाव किया गया है।

GRAP-1 के लागू होने के साथ ही होटलों और रेस्टोरेंट्स में कोयले या लकड़ी के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। डीजल जनरेटरों का उपयोग अब केवल आपातकालीन सेवाओं के लिए ही किया जा सकेगा। साथ ही, सड़कों की धूल को कम करने के लिए MCD को विशेष निर्देश दिए गए हैं।

ट्रैफिक के दबाव और प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली मेट्रो (DMRC) ने हर कार्यदिवस पर 20 अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। वहीं, NHAI ने 157 किलोमीटर के कॉरिडोर पर पानी का छिड़काव करने और स्मोक गन चलाने के लिए 900 कर्मियों को तैनात किया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस भी उन अंतरराज्यीय बसों को डायवर्ट कर रही है जो नियमों का पालन नहीं कर रही हैं।

हालांकि, ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (AIMGTA) ने परिवहन प्रतिबंधों के आर्थिक प्रभाव को देखते हुए 15 दिनों के पायलट प्रोजेक्ट की मांग की है। दूसरी ओर, भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में भी हवा की गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में बनी रह सकती है।

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