दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण: हवा हुई जहरीली, GRAP-I के तहत कड़े प्रतिबंध लागू
दिल्ली की हवा हुई जहरीली, AQI 226 पहुंचा। सरकार ने GRAP-I लागू कर निर्माण कार्यों और कोयले के इस्तेमाल पर लगाई रोक।

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है। दिल्ली एयर क्वालिटी में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसके बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-I) के पहले चरण को लागू कर दिया है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, 22 अक्टूबर 2026 को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 226 दर्ज किया गया, जो पिछले दिन 179 था।
शहर के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर सुरक्षा मानकों से दोगुना हो गया है। सबसे बुरा हाल जहांगीरपुरी, विवेक विहार और चांदनी चौक का है, जहां AQI क्रमशः 309, 306 और 307 तक पहुंच गया है, जो 'बेहद खराब' से 'खतरनाक' श्रेणी में आता है। इसके अलावा आईटीओ पर 280, एम्स में 276 और इंडिया गेट पर 238 का स्तर दर्ज किया गया है। मौसम विभाग और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों तक हवा की गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में बनी रहेगी।
प्रदूषण रोकने के लिए सरकार के कड़े कदम
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 21 अक्टूबर से GRAP-I के उपायों को लागू कर दिया है। पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि इसके तहत निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है। साथ ही, होटलों और रेस्टोरेंट्स के तंदूरों में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर पूरी तरह पाबंदी है। अब डीजल जनरेटर का उपयोग केवल आपातकालीन स्थितियों में ही किया जा सकेगा।
प्रदूषण की स्थिति की समीक्षा के लिए CAQM के चेयरमैन राजेश वर्मा ने शहर की विभिन्न एजेंसियों के साथ बैठक की। इस दौरान दिल्ली नगर निगम (MCD) को निर्देश दिए गए हैं कि सड़कों और खुले मैदानों पर धूल नियंत्रण के उपायों को और तेज किया जाए।
वहीं, सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने और लोगों को सार्वजनिक परिवहन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए दिल्ली मेट्रो ने एक बड़ा कदम उठाया है। 22 अक्टूबर 2026 से मेट्रो ने अपनी सेवाओं में 20 अतिरिक्त ट्रेन फेरे जोड़े हैं, ताकि प्रदूषण कम करने में मदद मिल सके।