दिल्ली में बारिश के बाद फिर लौटा प्रदूषण, AQI 'अनहेल्दी' स्तर पर पहुंचा

राजधानी दिल्ली में मौसम के मिजाज बदलते ही हवा की गुणवत्ता एक बार फिर गिर गई है। 12 अक्टूबर को हुई भारी बारिश ने शहरवासियों को प्रदूषण से कुछ समय के लिए राहत जरूर दी थी, लेकिन 13 अक्टूबर तक हवा फिर से जहरीली होने लगी। निगरानी एजेंसियों के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 197 से 276 के बीच दर्ज किया गया, जिसे 'मध्यम' से लेकर 'अस्वास्थ्यकर' (unhealthy) और कुछ इलाकों में 'गंभीर' श्रेणी में रखा गया है।
हवा में घुले प्रदूषकों की बात करें तो PM2.5 का स्तर 172.44 µg/m³ और PM10 का स्तर 116.49 µg/m³ तक पहुंच गया है। गौरतलब है कि इससे ठीक एक दिन पहले दिल्ली ने 2022 के बाद अक्टूबर महीने की सबसे भारी बारिश (41.6 मिमी) देखी थी, जिससे 24 घंटे का औसत AQI गिरकर 83 यानी 'संतोषजनक' स्तर पर आ गया था। लेकिन जैसे ही बारिश थमी, प्रदूषण का ग्राफ फिर से ऊपर चढ़ने लगा।
NCR के शहरों का हाल और मौसम का पूर्वानुमान
सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरे एनसीआर (NCR) में हवा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा रहा, जहां AQI 316 से 326 के बीच 'खतरनाक' स्तर पर पहुंच गया। वहीं नोएडा में 294, फरीदाबाद में 284 से 309 और गाजियाबाद में 251 से 290 के बीच AQI दर्ज किया गया। गुरुग्राम की हवा भी खराब रही, जहां सूचकांक 246 से 259 के बीच रहा।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, सफदरजंग स्टेशन पर अधिकतम तापमान 30.2°C और न्यूनतम 18.7°C दर्ज किया गया। अब आगे बारिश की कोई संभावना नहीं है और शाम तक दक्षिण-पूर्व दिशा से 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और IITM पुणे द्वारा संचालित अर्ली वार्निंग सिस्टम का अनुमान है कि 15 अक्टूबर तक हवा की गुणवत्ता 'मध्यम' से 'खराब' श्रेणी में बनी रहेगी।
प्रदूषण के इस स्तर को देखते हुए अधिकारियों ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासकर बच्चों और सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों को सुझाव दिया गया है कि जब AQI 100 से ऊपर हो, तो वे बाहरी गतिविधियों को सीमित रखें और अपनी सेहत का ख्याल रखें।