दिवाली से पहले दिल्ली की हवा हुई खराब, AQI पहुंचा 'अनहेल्दी' लेवल पर

राजधानी दिल्ली में दिवाली का त्योहार आने से पहले ही हवा की गुणवत्ता में भारी गिरावट दर्ज की गई है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 194 से 199 के बीच पहुंच गया है, जिसे 'अनहेल्दी' (अस्वास्थ्यकर) श्रेणी में रखा गया है। हवा की यह स्थिति पिछले कुछ दिनों में बहुत तेज़ी से बिगड़ी है। शुक्रवार को जहां AQI महज 90 था, वहीं शनिवार को यह 159 और रविवार शाम तक बढ़कर 187 हो गया।
शहर के 58 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 23 पर हवा की गुणवत्ता 'खराब' पाई गई है। सबसे चिंताजनक स्थिति ITO स्टेशन पर देखी गई, जहां AQI का स्तर 425 तक पहुंच गया, जो 'गंभीर' श्रेणी में आता है। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम (AQEWS) के अनुसार, 21 अक्टूबर तक हवा की स्थिति खराब बनी रहेगी और अगले छह दिनों तक भी इसमें सुधार की उम्मीद कम है।
प्रदूषण बढ़ने के कारण और सरकार की तैयारी
विशेषज्ञों का मानना है कि हवा की गति कम होने, बारिश न होने और स्थानीय स्तर पर होने वाले उत्सर्जन की वजह से प्रदूषण तेजी से बढ़ा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 23 अक्टूबर तक बारिश की कोई संभावना नहीं जताई है, जिससे प्रदूषकों का प्राकृतिक रूप से साफ होना मुश्किल हो गया है। इस संकट से निपटने के लिए सरकार ने अपना 'विंटर क्लीन एयर प्लान' लागू करना शुरू कर दिया है।
प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए उठाए गए मुख्य कदम इस प्रकार हैं:
- नो PUCC, नो फ्यूल: 1 अक्टूबर से NCR के 500 पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम लगाया गया है। जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUCC) नहीं होगा, उन्हें ईंधन नहीं दिया जाएगा।
- वाहनों पर पाबंदी: 1 नवंबर से BS-IV मानक से पुराने कमर्शियल गुड्स वाहनों और बसों के चलने पर रोक लगा दी जाएगी।
- निर्माण कार्य पर रोक: धूल उड़ाने वाले निर्माण और तोड़-फोड़ कार्यों पर पाबंदी लगेगी, जो 10 दिसंबर से 20 जनवरी 2027 तक पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
गौरतलब है कि दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने बताया था कि 17 अक्टूबर 2026 तक शहर ने 211 दिन 'अच्छी' या 'संतोषजनक' हवा का अनुभव किया, जो 2016 के बाद का सबसे बेहतर रिकॉर्ड है। हालांकि, अब सर्दियों की चुनौती सामने है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस संकट से निपटने के लिए एक समन्वित दृष्टिकोण अपनाने की बात कही है, जिसमें ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत 50% वर्क-फ्रोम-होम और ऑफिस के समय में बदलाव जैसे प्रावधान शामिल हैं।