दिल्ली में बारिश थमते ही लौटा प्रदूषण, ITO पर AQI 400 के पार पहुंचा

राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश ने हवा को जो राहत दी थी, वह अब खत्म होती नजर आ रही है। जैसे ही बारिश रुकी, दिल्ली की हवा में जहर घुलने लगा है और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) तेजी से ऊपर जा रहा है। हालात इस कदर बिगड़े कि ITO जैसे इलाकों में AQI 400 के पार चला गया है, जिससे आम लोगों को सांस लेने में दिक्कत महसूस होने लगी है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 24 घंटों में प्रदूषण के स्तर में भारी उछाल देखा गया है। जहां AQI 65 के करीब था, वह अचानक बढ़कर 216 तक पहुंच गया और रात के समय यह 240 के स्तर को छू गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की रिपोर्ट के मुताबिक, महज एक दिन में आधिकारिक रीडिंग 90 से बढ़कर 134 हो गई है।
मौसम का मिजाज और CAQM की सख्ती
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने संकेत दिए हैं कि अब कम से कम 22 अक्टूबर तक बारिश की कोई उम्मीद नहीं है, जिसका मतलब है कि सूखा मौसम प्रदूषण को और बढ़ा सकता है। वहीं, भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) का अनुमान है कि 19 अक्टूबर से अगले छह दिनों तक हवा की गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में बनी रहेगी। हालांकि, प्रदूषण के साथ-साथ तापमान में गिरावट आई है, जिससे सुबह और शाम के वक्त हल्की ठंड महसूस की जा रही है।
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) एक्शन मोड में है। 25 सितंबर से 10 अक्टूबर के बीच कुल 124 निरीक्षण किए गए, जिसमें नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली 12 यूनिट्स को सील कर दिया गया। इसके अलावा, दो निर्माण परियोजनाओं और तीन औद्योगिक इकाइयों को बंद करने का प्रस्ताव भेजा गया है। CAQM ने दिल्ली नगर निगम (MCD) को भी सख्त चेतावनी दी है कि 31 अक्टूबर तक शहर से धूल और मलबे की सफाई कर ली जाए, वरना कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर, पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार ने वायु गुणवत्ता सुधारने में बेहतर काम किया है। उन्होंने बताया कि साल 2026 में 211 दिन हवा 'अच्छी से मध्यम' श्रेणी में रही, जो 2020 को छोड़कर 2016 के बाद का सबसे शानदार प्रदर्शन है। साथ ही, 'खराब वायु गुणवत्ता' वाले दिनों की संख्या 168 से घटकर 79 रह गई है।