दिल्ली में वायु प्रदूषण का कहर: AQI 350 के पार, जहरीली हवा ने बढ़ाई चिंता

दिल्ली की हवा हुई जहरीली, AQI 350 के पार। जहांगीरपुरी सबसे ज्यादा प्रभावित, GRAP स्टेज 2 लागू।

Kittu Kumari3 November 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली में वायु प्रदूषण का कहर: AQI 350 के पार, जहरीली हवा ने बढ़ाई चिंता

देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर गंभीर दिल्ली वायु प्रदूषण संकट की चपेट में है। 3 नवंबर 2026 को शहर की हवा की गुणवत्ता इतनी खराब हो गई कि पिछले 287 दिनों का सबसे निचला स्तर दर्ज किया गया। शहर का ओवरऑल एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 350 तक पहुंच गया है, जिसका मतलब है कि दिल्ली का कोई भी कोना अब साफ हवा से वंचित नहीं है।

शहर के सभी 57 मॉनिटरिंग स्टेशनों ने प्रदूषण में भारी बढ़ोतरी दर्ज की है। इनमें से 10 स्टेशनों पर प्रदूषण 'गंभीर' (Severe) श्रेणी में है, जबकि 35 स्टेशनों ने 'बहुत खराब' और 12 ने 'खराब' स्तर की रिपोर्ट दी है। सबसे बुरा हाल जहांगीरपुरी का है, जहां AQI 462 तक जा पहुंचा। इसके अलावा रोहिणी, पंजाबी बाग, बवाना, अलीपुर और विवेक विहार जैसे इलाकों में भी हवा बेहद जहरीली हो चुकी है। इस प्रदूषण का मुख्य कारण PM2.5 कण हैं, जो इतने सूक्ष्म होते हैं कि सीधे फेफड़ों और खून में मिलकर सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं।

GRAP स्टेज 2 लागू, वाहनों पर सख्ती

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बढ़ते खतरे को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 2 नवंबर से 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' (GRAP) के स्टेज II को लागू कर दिया है। इसके तहत प्रशासन ने सड़कों पर सख्ती बढ़ा दी है। हजारों वाहनों की जांच की जा रही है और जो गाड़ियां BS-VI मानकों को पूरा नहीं कर रही हैं, उन पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है या उन्हें वापस भेजा जा रहा है।

प्रदूषण को रोकने के लिए अन्य कड़े कदम भी उठाए गए हैं:

  • सड़कों पर उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए सख्त निगरानी।
  • निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए पार्किंग फीस में बढ़ोतरी।
  • निर्माण और तोड़फोड़ (C&D) वाली जगहों पर कड़ी निगरानी।

डेटा के मुताबिक, इस प्रदूषण में ट्रांसपोर्ट उत्सर्जन का योगदान 15.8% और पराली जलाने का हिस्सा 15.3% है। विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की प्रतिकूल दिशा और 'थर्मल इन्वर्जन' (तापीय व्युत्क्रमण) के कारण प्रदूषक तत्व जमीन के करीब ही फंसे हुए हैं। चेतावनी प्रणाली के अनुसार, 9 नवंबर तक हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' से 'गंभीर' श्रेणी में बनी रहने की आशंका है।

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