दिल्ली की हवा हुई जहरीली, कई इलाकों में AQI 400 के पार, GRAP-2 लागू
दिल्ली की हवा हुई जहरीली, कई इलाकों में AQI 400 के पार पहुंचा। प्रशासन ने GRAP-2 लागू कर कड़े कदम उठाए हैं।

देश की राजधानी दिल्ली में सांस लेना अब मुश्किल होता जा रहा है। मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को दिल्ली की वायु गुणवत्ता बेहद चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। शहर के कई हिस्सों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार निकल गया है, जिससे हवा 'गंभीर' (Severe) श्रेणी में पहुंच गई है। पूरे शहर का 24 घंटे का औसत AQI 330 से 334 के बीच रहा, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है।
सबसे बुरा हाल जहांगीरपुरी का है, जहां AQI 449 से 452 के बीच दर्ज किया गया। इसके अलावा रोहिणी, पंजाबी बाग, बवाना, नरेला, अलीपुर और विवेक विहार जैसे इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर है। इस जहरीली हवा का मुख्य कारण PM2.5 प्रदूषक हैं, जो फेफड़ों के लिए बेहद हानिकारक माने जाते हैं।
प्रदूषण से निपटने के लिए प्रशासन ने कसी कमर
हवा की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने सोमवार से ही पूरे NCR क्षेत्र में 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' (GRAP) का दूसरा चरण (Stage-II) लागू कर दिया है। इसके तहत शहर की सीमाओं पर वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है और BS-VI मानकों को पूरा न करने वाले वाहनों को दिल्ली में प्रवेश से रोका जा रहा है।
प्रदूषण को कम करने के लिए नगर निगमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे भारी ट्रैफिक वाले रास्तों पर रोजाना मशीनों से सफाई करें और पानी का छिड़काव करें। साथ ही, दिल्ली समेत गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर के सरकारी कर्मचारियों के लिए ऑफिस के समय में बदलाव (staggered timings) करने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की धीमी गति और गिरते तापमान की वजह से प्रदूषक तत्व हवा में ही टिके हुए हैं। वहीं, सैटेलाइट डेटा से पता चला है कि पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने का असर भी दिल्ली की हवा को जहरीला बना रहा है। अर्ली वार्निंग सिस्टम के मुताबिक, 5 नवंबर तक हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में ही रहने की संभावना है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसी हवा स्वस्थ लोगों और सांस की बीमारी से जूझ रहे मरीजों, दोनों के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकती है।