दिल्ली की हवा हुई जहरीली, AQI 482 पार; अब पैंक्रियाज और डायबिटीज का बढ़ा खतरा

दिल्ली की हवा हुई जहरीली, AQI 482 पहुंचा। एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी कि प्रदूषण अब फेफड़ों के साथ पैंक्रियाज और डायबिटीज के खतरे को बढ़ा रहा है।

Kittu Kumari5 November 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली की हवा हुई जहरीली, AQI 482 पार; अब पैंक्रियाज और डायबिटीज का बढ़ा खतरा

राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर डराने लगा है। 5 नवंबर 2026 की सुबह 8:01 बजे तक दिल्ली का ओवरऑल एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 482 दर्ज किया गया, जो 'खतरनाक' श्रेणी में आता है। शहर के अलग-अलग इलाकों में स्थिति बेहद गंभीर है, जहां पंजाबी बाग में 446, नरेला में 434, रोहिणी में 431 और आरके पुरम में 416 का स्तर देखा गया। इसके अलावा बवाना, नॉर्थ कैंपस और पटपड़गंज में भी AQI 400 के पार है। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के मुताबिक, 6 और 7 नवंबर को भी हवा की यही बदतर स्थिति बनी रहने की संभावना है।

प्रदूषण से अब फेफड़ों के साथ खतरे में है पैंक्रियाज

इस बार प्रदूषण का खतरा सिर्फ सांस लेने तक सीमित नहीं है। मैक्स हेल्थकेयर के एंडोक्रिनोलॉजी और डायबेटोलॉजी विभाग के ग्रुप चेयरमैन डॉ. अंबरीश मिथल ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है। उन्होंने बताया कि हवा में मौजूद सूक्ष्म कण (PM2.5) अब केवल फेफड़ों तक नहीं रुक रहे, बल्कि खून के जरिए शरीर के अन्य अंगों तक पहुंच रहे हैं। इन जहरीले कणों में भारी धातुएं, नाइट्रेट, सल्फेट और कार्बन होते हैं, जो शरीर में सूजन (inflammation) और नसों को नुकसान पहुंचाते हैं।

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विशेषज्ञों के अनुसार, जब ये कण पैंक्रियाज (अग्न्याशय) तक पहुंचते हैं, तो वे इंसुलिन के स्राव और उसकी कार्यप्रणाली में बाधा डालते हैं, जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या पैदा होती है। रिसर्च यह भी बताती है कि सिर्फ एक महीने तक ऐसे प्रदूषित वातावरण में रहने से ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। वहीं, लंबे समय तक इस जहरीली हवा के संपर्क में रहने से टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा 22% तक बढ़ जाता है।

प्रदूषण की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। दिल्ली-एनसीआर में 5 नवंबर से 20 नवंबर तक निर्माण और तोड़फोड़ (construction and demolition) कार्यों पर पाबंदी लगा दी गई है। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने पराली जलाने की घटनाओं को रोकने में नाकाम रहने वाले पंजाब के कई जिला अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।

दूसरी ओर, दिवाली से पहले बच्चों को जागरूक करने के लिए शिक्षा निदेशालय ने सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे विशेष असेंबली आयोजित करें। छात्रों को पटाखों के खतरों के बारे में बताया जाए और उन्हें मिट्टी के दीयों व बिजली की रोशनी जैसे सुरक्षित विकल्पों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए।

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