दिल्ली में दिवाली के बाद बिगड़ेगी हवा, प्रदूषण रोकने के लिए GRAP-2 लागू
दिल्ली की हवा हुई बेहद जहरीली, AQI 379 के पार। GRAP-2 लागू होने से गाड़ियों और निर्माण कार्यों पर लगी सख्ती।

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर जहरीली हवा का कहर शुरू हो गया है। दिवाली के आस-पास का समय आते ही दिल्ली की वायु गुणवत्ता (AQI) तेजी से गिर रही है, जिससे शहर में सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है। वर्तमान में औसत AQI 377 से 379 के बीच दर्ज किया गया है, जो 'बेहद खराब' श्रेणी में आता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि शहर के 22 मॉनिटरिंग स्टेशनों ने 'गंभीर' प्रदूषण स्तर दर्ज किया है, जो 20 जनवरी 2026 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, हवा की धीमी गति (10 किमी प्रति घंटे से कम) और गिरते तापमान की वजह से प्रदूषक तत्व जमीन के करीब ही फंसे हुए हैं। हालांकि दिवाली के दौरान हवा के रुख में बदलाव से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि 9 नवंबर से स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है क्योंकि पूर्वी हवाएं कमजोर पड़ने लगेंगी।
प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सरकार के सख्त कदम
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 2 नवंबर से पूरे NCR क्षेत्र में GRAP-II (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) लागू कर दिया है। इसके साथ ही 1 नवंबर से एक 10-सूत्रीय विंटर एक्शन प्लान भी शुरू किया गया है। प्रशासन ने इस बार नियमों को काफी कड़ा कर दिया है, जिसके तहत निम्नलिखित प्रतिबंध लागू किए गए हैं:
- वाहनों पर पाबंदी: दिल्ली के बाहर पंजीकृत वे पेट्रोल और डीजल वाहन जो BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते, उनका प्रवेश 31 जनवरी 2027 तक प्रतिबंधित रहेगा।
- ईंधन नीति: सभी पेट्रोल पंपों पर 'नो PUC, नो फ्यूल' (बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र, ईंधन नहीं) की सख्त नीति लागू की गई है।
- निर्माण कार्य: धूल उड़ाने वाले निर्माण और तोड़-फोड़ कार्यों पर रोक लगाई गई है। विशेष रूप से 5 और 20 नवंबर के बीच बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर प्रतिबंध रहेगा।
- वर्क फ्रॉम होम: वाहनों के उत्सर्जन को कम करने के लिए सरकारी और निजी दफ्तरों को 50% कर्मचारियों के लिए घर से काम करने की सलाह दी गई है।
त्योहारों की खुशियों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों को लेकर भी सख्त गाइडलाइन जारी की है। केवल 7 और 8 नवंबर को 'ग्रीन पटाखों' के इस्तेमाल की अनुमति दी गई है, वह भी तय समय (सुबह 6-7 बजे और रात 8-10 बजे) के बीच। 9 नवंबर से पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध दोबारा लागू हो जाएगा।