दिल्ली की हवा हुई जहरीली, AQI बढ़ने के बाद GRAP स्टेज 1 लागू

Kittu Kumari21 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली की हवा हुई जहरीली, AQI बढ़ने के बाद GRAP स्टेज 1 लागू

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर प्रदूषण का साया मंडराने लगा है। 2026 के सीजन में पहली बार हवा की गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में पहुंच गई है, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए दिल्ली-एनसीआर में GRAP स्टेज 1 लागू कर दिया है। 20 अक्टूबर को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 179 था, जो महज एक दिन में तेजी से बढ़कर 21 अक्टूबर दोपहर 2 बजे तक 244 पर पहुंच गया। यह पिछले 100 दिनों का सबसे उच्चतम स्तर है।

मौसम विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के मुताबिक, हवा की यह खराब स्थिति कम से कम 23 अक्टूबर तक बनी रह सकती है। चेतावनी प्रणाली के डैशबोर्ड के अनुसार, 22 अक्टूबर की सुबह तक AQI 342 तक जा सकता है, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है।

प्रदूषण रोकने के लिए प्रशासन ने कसी कमर

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वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधात्मक कदम उठाए हैं। अब शहर में धूल को नियंत्रित करने के लिए मैकेनिकल रोड स्वीपिंग और पानी के छिड़काव का काम तेज किया जाएगा। साथ ही, कचरा प्रबंधन के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

आम जनता और व्यापारियों के लिए अब ये नियम लागू होंगे:

  • होटलों और रेस्टोरेंट के तंदूरों में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
  • डीजल जनरेटर के उपयोग पर भी पाबंदियां लगाई गई हैं।

CAQM के अध्यक्ष राजेश वर्मा और दिल्ली के मुख्य सचिव ने एक समीक्षा बैठक की, जिसमें एमसीडी (MCD) और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) को निर्देश दिए गए कि वे इन नियमों का पालन सुनिश्चित करें और प्रदूषण कम करने के प्रयासों को और मजबूत करें।

डेटा के मुताबिक, प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण ट्रांसपोर्ट सेक्टर है, जिसकी हिस्सेदारी 19 से 20 अक्टूबर के बीच करीब 20% से 23% तक रही। वहीं, पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण में भी बढ़ोतरी देखी गई है, जो 4% से बढ़कर 12% तक पहुंचने का अनुमान है।

दूसरी ओर, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने सरकार के प्रयासों का बचाव करते हुए कहा कि 2026 में अब तक 214 दिन हवा 'अच्छी' या 'मध्यम' रही है, जो पिछले 12 सालों का सबसे बेहतर रिकॉर्ड है। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों के विस्तार और सड़कों की मरम्मत (रोड कारपेटिंग) जैसे कामों पर जोर दिया।

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