दिल्ली में सर्दियों से पहले बढ़ा प्रदूषण का खतरा, GRAP स्टेज 1 लागू
दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता बिगड़ने के साथ GRAP स्टेज 1 लागू किया गया है। विशेषज्ञों ने बुजुर्गों और बच्चों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

राजधानी दिल्ली में सर्दियों की आहट के साथ ही एक बार फिर हवा जहरीली होने लगी है। दिल्ली वायु प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे आम लोगों की सेहत पर खतरा मंडराने लगा है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) अक्सर 'अस्वास्थ्यकर' श्रेणी में बना हुआ है, जो 174 से 195 के बीच दर्ज किया गया है। पिछले साल दिवाली के बाद AQI का स्तर 1,000 तक पहुंच गया था, जिसे देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस बार पहले से ही सतर्क हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने 24 अक्टूबर 2026 की सुबह 8 बजे AQI 190 दर्ज किया, जिससे हवा की गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में आई है। हालांकि, अन्य निगरानी प्लेटफार्मों पर यह आंकड़ा 296 तक देखा गया है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। हवा की खराब गुणवत्ता को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने दिल्ली-NCR में 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' (GRAP) के स्टेज 1 को लागू कर दिया है। इसके तहत धूल नियंत्रण, कचरा प्रबंधन और वाहनों के उत्सर्जन पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।
प्रदूषण रोकने के लिए सरकार की बड़ी तैयारी
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने प्रदूषण के हॉटस्पॉट्स की पहचान कर वहां विशेष एक्शन प्लान लागू करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य रूप से सड़कों की धूल, अवैध पार्किंग और कचरा जलाने जैसी गतिविधियों पर लगाम लगाई जाएगी। वहीं, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने क्षेत्रीय एक्सप्रेसवे पर धूल कम करने के लिए 900 से अधिक कर्मचारियों को तैनात किया है, साथ ही एंटी-स्मॉग गन और पानी के छिड़काव का सहारा लिया जा रहा है।
दूसरी ओर, डॉक्टरों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. राहुल रोशन के अनुसार, बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और सांस या दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों को सुबह की सैर से बचना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया है कि जब बाहर हवा की गुणवत्ता खराब हो, तो व्यायाम घर के अंदर करें और बाहर निकलते समय N95 या N99 मास्क का उपयोग जरूर करें।
भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) का अनुमान है कि हवा की धीमी गति के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में ही रहेंगे, जिससे 26 अक्टूबर तक वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में रहने की संभावना है।