प्रदूषण पर लगाम: दिल्ली में AI कैमरों से होगी निगरानी, 9 करोड़ का सिस्टम तैयार

राजधानी दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने अब तकनीक का सहारा लिया है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने शहर भर में एक आधुनिक वीडियो सर्विलांस सिस्टम लगाने के लिए करीब 9 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन इलाकों की पहचान करना है जहां अवैध रूप से कचरा जलाया जा रहा है या निर्माण कार्यों में नियमों की अनदेखी की जा रही है।
इस हाई-टेक सिस्टम के तहत शहर में हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरे लगाए जाएंगे, जिनमें 5-मेगापिक्सेल सेंसर और 40x ऑप्टिकल ज़ूम होगा। खास बात यह है कि इनमें इन्फ्रारेड क्षमता भी होगी, जिससे रात के अंधेरे में भी प्रदूषण फैलाने वालों पर नजर रखी जा सकेगी। इन सभी कैमरों का नियंत्रण शास्त्री पार्क स्थित DMRC आईटी पार्क के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से होगा। यह सेंटर AI की मदद से रियल-टाइम AQI डेटा, GPS ट्रैकिंग और 700 से ज्यादा निर्माण स्थलों के CCTV फीड की निगरानी करेगा।
ग्राउंड लेवल पर 'वायु रक्षक' और GRAP-II लागू
सिर्फ कैमरों से ही नहीं, बल्कि जमीन पर भी सख्ती बढ़ाई गई है। शहर के 39 डिवीजनों में 'वायु रक्षक' टीमें तैनात की गई हैं, जो बॉडी कैमरों और GPS युक्त वाहनों के साथ गश्त कर रही हैं। साथ ही, निगरानी नेटवर्क को मजबूत करते हुए बुराड़ी, नरेला और बदरपुर जैसे इलाकों में 13 नए स्टेशन लगाए गए हैं, जिससे अब कुल मॉनिटरिंग स्टेशनों की संख्या 60 हो गई है। आम लोग 'SAMEER' ऐप के जरिए हवा की गुणवत्ता की जानकारी ले सकते हैं।
हवा की गुणवत्ता 'बेहद खराब' श्रेणी में पहुंचने के बाद पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने GRAP-II लागू करने का ऐलान किया है। इसके तहत डीजल जनरेटरों पर सख्ती, पब्लिक ट्रांसपोर्ट की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने और पार्किंग फीस में बढ़ोतरी जैसे कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के विंटर एक्शन प्लान के तहत अब ईंधन खरीदने के लिए PUC सर्टिफिकेट अनिवार्य किया गया है और ऑफिसों में फिजिकल अटेंडेंस की सीमा तय की गई है।
दिल्ली के साथ-साथ पड़ोसी राज्य हरियाणा में भी तैयारी तेज है। वहां के वन और पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने गुरुग्राम समेत पूरे NCR में GRAP लागू होने से पहले ही प्रदूषण नियंत्रण के उपाय शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग ने 22 अक्टूबर तक सूखे मौसम की संभावना जताई है, जिससे हवा की गुणवत्ता और गिरने का डर है।