दिल्ली में AI ट्रैफिक सिस्टम का आगाज़: अब चोरी की गाड़ियों को पकड़ना होगा आसान

राजधानी दिल्ली में गाड़ियों की चोरी की बढ़ती घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लिया जा रहा है। सरकार ने शहर में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। यह आधुनिक सिस्टम न केवल ट्रैफिक जाम को कम करेगा, बल्कि चोरी हुई गाड़ियों की रियल-टाइम ट्रैकिंग कर उन्हें तुरंत पकड़ने में मदद करेगा।
दिल्ली में गाड़ियों की चोरी की समस्या काफी गंभीर है। आंकड़ों के मुताबिक, यहां हर दिन करीब 95 से 100 गाड़ियां चोरी हो रही हैं, जिसका मतलब है कि हर 14 से 15 मिनट में एक गाड़ी गायब हो रही है। साल 2025 में ही मोटर वाहन चोरी के 35,014 मामले दर्ज किए गए हैं। इसी चुनौती से निपटने के लिए ₹1,789.52 करोड़ के बजट के साथ यह प्रोजेक्ट लाया गया है, जिसे C-DAC के सहयोग से विकसित किया गया है।
चोरी की गाड़ी मिलते ही पुलिस को मिलेगा अलर्ट
इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह CCTNS, e-Sarathi और VAHAN जैसे प्लेटफॉर्म्स से जुड़ा होगा। जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ट्रैफिक) संजय त्यागी के अनुसार, जैसे ही किसी चोरी हुई गाड़ी की FIR दर्ज होगी, सिस्टम उसे ट्रैक करना शुरू कर देगा। जैसे ही वह गाड़ी दिल्ली के किसी कैमरे की नजर में आएगी, संबंधित ट्रैफिक जोनल ऑफिसर को तुरंत नोटिफिकेशन मिल जाएगा, जिससे पुलिस तुरंत कार्रवाई कर सकेगी।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह तकनीकी अपग्रेड राजधानी के ट्रैफिक इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने के लिए बेहद जरूरी है। इस प्रोजेक्ट के तहत 42 प्रमुख कॉरिडोर पर 2,500 से ज्यादा कैमरे और स्मार्ट सिग्नल लगाए जाएंगे। इसमें 1,092 अडैप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (ATCS) जंक्शन और 1,029 ऑटोमेटेड एनफोर्समेंट लोकेशन शामिल होंगे।
यह पूरा प्रोजेक्ट तीन चरणों में 24 महीनों के भीतर लागू किया जाएगा। चोरी रोकने के अलावा, यह सिस्टम ट्रैफिक जाम, दुर्घटनाओं और धीमी गति वाले रास्तों की रियल-टाइम जानकारी भी देगा। साथ ही, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं के लिए 'ग्रीन कॉरिडोर' बनाने में भी मदद करेगा, ताकि कीमती समय पर लोगों की जान बचाई जा सके।