दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए AI कमांड सेंटर तैनात, कड़े नियमों से होगी निगरानी

दिल्ली में AQI 482 पहुंचने के बाद AI कमांड सेंटर, ANPR कैमरे और वर्क फ्रॉम होम जैसे कड़े कदम उठाए गए हैं।

Kittu Kumari5 November 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए AI कमांड सेंटर तैनात, कड़े नियमों से होगी निगरानी

राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बेहद चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। 5 नवंबर 2026 को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 482 तक जा पहुंचा, जिसके बाद प्रशासन ने प्रदूषण से निपटने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सख्त नियामक उपायों का सहारा लिया है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने इस संकट से निपटने के लिए शास्त्री पार्क में एक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) की स्थापना की है, जो 24 घंटे काम करेगा।

यह हाई-टेक कमांड सेंटर शहर के 700 से अधिक निर्माण स्थलों और प्रदूषण फैलाने वाले अन्य स्रोतों की रियल-टाइम निगरानी करेगा। तकनीक के जरिए अब नियमों की अनदेखी करना मुश्किल होगा, क्योंकि शहर के मुख्य प्रवेश द्वारों और पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों की मदद से 'नो PUC, नो फ्यूल' नियम को सख्ती से लागू किया जाएगा, यानी जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल, डीजल या CNG नहीं दी जाएगी।

प्रदूषण रोकने के लिए उठाए गए अन्य बड़े कदम

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सिर्फ तकनीक ही नहीं, बल्कि जमीन पर भी कार्रवाई तेज कर दी गई है। 'वायु रक्षक' टीमों को तैनात किया गया है, जो जीपीएस युक्त वाहनों और बॉडी कैमरों से लैस हैं। ये टीमें कचरा जलाने और ट्रैफिक जाम जैसे स्थानीय प्रदूषण के कारणों पर नजर रखेंगी। इसके अलावा, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 5 से 20 नवंबर 2026 तक दिल्ली-एनसीआर में धूल उड़ाने वाली सभी निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।

आम जनता और कर्मचारियों को राहत देने और सड़कों पर भीड़ कम करने के लिए प्रशासन ने कुछ बड़े फैसले लिए हैं:

  • पांच जिलों के सरकारी और निजी कार्यालयों में केवल 50% स्टाफ को आने की अनुमति होगी, बाकी कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे।
  • सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने मंगलवार से 20 अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का फैसला किया है।
  • सड़कों की सफाई के लिए मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जिसकी सीधी निगरानी केंद्रीय कमांड सेंटर द्वारा की जा रही है।

इस पूरी मुहिम में दिल्ली सरकार, DPCC, CAQM, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और DMRC के बीच आपसी समन्वय बनाया गया है ताकि सर्दियों के मौसम में प्रदूषण के स्तर को प्रभावी ढंग से कम किया जा सके।

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