दिल्ली की कृषि मंडियों का होगा कायाकल्प, सीएम रेखा गुप्ता ने रखी विकास कार्यों की नींव

दिल्ली की कृषि मंडियों की सूरत अब बदलने वाली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शहर की मंडियों में बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ी पहल की है। 16 अक्टूबर 2026 को सीएम ने चार प्रमुख विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया, जिसका मकसद मंडियों को आने वाले 100 सालों की जरूरतों के हिसाब से तैयार करना है। दिल्ली सरकार का मानना है कि अब सिर्फ छोटी-मोटी मरम्मत के बजाय एक ऐसा मजबूत ढांचा तैयार करने की जरूरत है, जो लंबे समय तक व्यापारिक जरूरतों को पूरा कर सके।
इन मंडियों में दिखेंगे बड़े बदलाव
इस आधुनिकरण अभियान के तहत शहर की अलग-अलग मंडियों में खास इंतजाम किए जा रहे हैं। विकास योजना की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- केशोपुर मंडी: यहाँ व्यापारियों और किसानों की सुविधा के लिए नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
- नरेला मंडी: यहाँ अस्थायी शेड बनाए जाएंगे ताकि सामान की सुरक्षा और सुविधा बेहतर हो सके।
- आजादपुर मंडी: इस बड़ी मंडी में सीवर और ड्रेनेज सिस्टम को पूरी तरह दुरुस्त किया जाएगा। साथ ही, वाहनों के वजन के लिए एक आधुनिक वेटिंग सिस्टम लागू किया जाएगा।
सिर्फ सड़कों और नालों पर ही ध्यान नहीं दिया गया है, बल्कि सरकार ने इन कृषि केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को भी पुख्ता करने की प्राथमिकता तय की है। इसके अलावा, पूरे मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए तकनीक का सहारा लिया जाएगा, जिससे मंडियों का कामकाज डिजिटल और पारदर्शी हो सके। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सरकार का लक्ष्य बुनियादी ढांचे को इतना सक्षम बनाना है कि भविष्य में किसी भी तरह की कमी न रहे।