दिल्ली में कृषि भूमि के सर्किल रेट में बड़ा बदलाव की तैयारी, 18 साल बाद बदलेंगी कीमतें
दिल्ली सरकार 2008 के बाद पहली बार कृषि भूमि के सर्किल रेट बदलने जा रही है। जानें आपके इलाके में कितनी बढ़ सकती हैं कीमतें।

दिल्ली में जमीन की कीमतों को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। दिल्ली सरकार करीब 18 साल पुराने कृषि भूमि के सर्किल रेट को संशोधित करने की तैयारी कर रही है। साल 2008 के बाद से इन दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था, जिसके कारण सरकारी कीमतें और बाजार की वास्तविक कीमतों के बीच एक बड़ा अंतर आ गया था। अब सरकार इसे ठीक करने के लिए जिलावार नई दरों का प्रस्ताव तैयार कर रही है।
वर्तमान में कृषि भूमि की न्यूनतम सांकेतिक दर 53 लाख रुपये प्रति एकड़ है, जो बहुत समय से स्थिर थी। अब नए प्रस्ताव के तहत अलग-अलग जिलों के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं। चर्चा है कि कुछ खास जोन में यह रेट 5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच सकता है। हालांकि, दिल्ली पंचायत संघ ने इसकी मांग और भी ज्यादा करते हुए 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ की दर तय करने की अपील की है।
जिलों के हिसाब से तय की गई संभावित दरें
प्रस्तावित नई दरों के मुताबिक, जमीन की कीमतों को जिलों की कैटेगरी के आधार पर बांटा गया है:
- दक्षिण और नई दिल्ली: 5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक।
- दक्षिण-पश्चिम दिल्ली: 3.5 करोड़ रुपये प्रति एकड़।
- दक्षिण-पूर्व, उत्तर, पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिल्ली: 3 करोड़ रुपये प्रति एकड़।
- मध्य दिल्ली: 2.5 करोड़ रुपये प्रति एकड़।
- शाहदरा, उत्तर-पूर्व और पूर्वी दिल्ली: 2.2 करोड़ रुपये प्रति एकड़।
राजस्व मंत्री आतिशी ने पुष्टि की है कि जिलावार इस नई कार्यप्रणाली को अंतिम मंजूरी के लिए उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के पास भेजा गया है। इस पूरी प्रक्रिया के लिए एक समिति बनाई गई है, जिसका नेतृत्व डिविजनल कमिश्नर कर रहे हैं।
सिर्फ कृषि भूमि ही नहीं, बल्कि रिहायशी और व्यावसायिक संपत्तियों के मूल्यांकन मानदंडों की भी समीक्षा की जा रही है, जिन्हें आखिरी बार 2014 में अपडेट किया गया था। प्रस्ताव है कि कैटेगरी A से H तक की संपत्तियों के रेट में 8% से 35% तक की बढ़ोतरी की जाए और एक नई 'A+' सुपर-प्रीमियम कैटेगरी भी शुरू की जाए। इसके अलावा, सर्किल रेट पर मिलने वाली 20% की छूट भी 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुकी है, जिसका मतलब है कि 1 जनवरी 2026 से पूरी दरें लागू हो गई हैं।