दिल्ली के बाजारों में गरबा ड्रेस की धूम, नवरात्रि 2026 के लिए मिल रहे सस्ते विकल्प

Kittu Kumari12 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली के बाजारों में गरबा ड्रेस की धूम, नवरात्रि 2026 के लिए मिल रहे सस्ते विकल्प

दिल्ली-एनसीआर में नवरात्रि 2026 का जश्न पूरे शबाब पर है। शहर के लोग गरबा नाइट्स के लिए पारंपरिक कपड़ों की तलाश में जुटे हैं, जिसके चलते दिल्ली के स्थानीय बाजारों में दिल्ली गरबा ड्रेस मार्केट की रौनक बढ़ गई है। अगर आप भी चनिया-चोली, घाघरा और दुपट्टों की तलाश में हैं, तो शहर के लोकल मार्केट इस समय सबसे किफायती और बेहतरीन विकल्प दे रहे हैं।

बता दें कि शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर (रविवार) से हुई है, जो 20 अक्टूबर (मंगलवार) को समाप्त होगी, जिसके बाद विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा। उत्सव के इसी माहौल को देखते हुए दिल्ली सरकार और दिल्ली टूरिज्म ने राशि एंटरटेनमेंट के साथ मिलकर जेएलएन स्टेडियम में 'डांडिया रिबॉर्न 2026' का भव्य आयोजन किया। हालांकि, इस इवेंट के लिए 15 वर्ष की आयु सीमा और सख्त रजिस्ट्रेशन नियम थे, लेकिन शहर में निजी आयोजकों का उत्साह कम नहीं है।

सुरक्षा के कड़े नियम और इवेंट्स की जानकारी

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राजधानी में ओम नव चैतन्य मंडल, SMG इवेंट्स, द अर्बन सिटी और ब्लू बटरफ्लाई जैसे कई निजी आयोजक गरबा उत्सव आयोजित कर रहे हैं। इन इवेंट्स की टिकटें मुख्य रूप से बुकमायशो (BookMyShow) और डिस्ट्रिक्ट जैसे प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध हैं। उत्सव के साथ-साथ प्रशासन ने सुरक्षा और नियमों को लेकर भी कड़ाई बरती है।

पुलिस कमिश्नर ने सभी आयोजनों के लिए 44 विशेष नियमों का पालन करना अनिवार्य कर दिया है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण नियम शोर प्रदूषण को रोकने के लिए रात 12 बजे तक साउंड सिस्टम बंद करने का है। इसके अलावा, वेन्यू पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • सभी आगंतुकों की अनिवार्य फ्रिस्किंग और बैग चेकिंग।
  • सीसीटीवी कैमरों से पूरी निगरानी और महिलाओं की सुरक्षा के लिए 'शी टीम्स' की तैनाती।
  • प्रवेश के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे सरकारी फोटो आईडी का होना अनिवार्य।
  • शराब, तंबाकू और किसी भी तरह की नुकीली या धारदार वस्तुओं का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित।

आयोजकों ने उत्सव की गरिमा बनाए रखने के लिए लोगों से चनिया चोली और केडियु जैसे पारंपरिक परिधान पहनने की अपील की है, ताकि गरबा नाइट्स की असली रौनक बनी रहे।

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