दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 21 सितंबर 2026 की शाम को 17 साल की नाबालिग के साथ हुए गैंगरेप के मामले में पीड़िता ने पुलिस को अपना बयान दे दिया है। फरीदाबाद की रहने वाली और अपना जन्मदिन मना रही पीड़िता ने बताया कि तीन लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उसे और उसके दोस्त को रोका था। हमलावरों ने बंदूक और चाकू से डराकर उसे अलग ले जाकर चाकू की नोक पर सामूहिक बलात्कार किया। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में 32 साल का सब्जी विक्रेता आसिफ, 24 साल का वकील हेमंत और उसका भाई 24 साल का बीएससी का छात्र मुकेश शामिल है। आसिफ को 22 सितंबर की सुबह मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया, जबकि 24 सितंबर को तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने अदालत से आरोपियों की पहचान के लिए टेस्ट आइडेंटिफ़िकेशन परेड कराने का अनुरोध किया है।
जांचकर्ताओं को ऐसे सबूत मिले हैं जिनसे पता चलता है कि आरोपियों ने अपने कपड़े धोकर और मोबाइल फोन की चैट डिलीट करके सबूत मिटाने की कोशिश की थी।
आसिफ के फोन से एक वीडियो मिला है जिसमें वह पार्क में एक अन्य जोड़े को धमका रहा है, जिससे पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या ये तीनों पहले भी ऐसे अपराधों में शामिल रहे थे। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना के बाद लेडी श्री राम कॉलेज की छात्राओं ने सुरक्षा बढ़ाने और सीसीटीवी कैमरे लगवाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
इसके बाद एलएसआर कॉलेज ने 23 सितंबर को एक दिन के लिए कक्षाएं ऑनलाइन कीं और 24 सितंबर से ऑफलाइन कक्षाएं फिर से शुरू कर दीं। दक्षिणी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने कॉलेज का दौरा किया और पुलिस बल बढ़ाने का भरोसा दिया। दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने सार्वजनिक स्थलों का सुरक्षा ऑडिट कराने का आदेश दिया है।
आस्था कुंज पार्क में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और दिल्ली पुलिस तथा आईटीबीपी द्वारा नियमित गश्त की जा रही है। अधिकारी पार्क में अंधेरे वाली जगहों पर रोशनी जैसी सुरक्षा कमियों को दूर करने के लिए काम कर रहे हैं।