दिल्ली में ट्रैफिक जाम से राहत के लिए 55 किलोमीटर लंबा नया एलिवेटेड रिंग रोड बनाने की बड़ी योजना

दिल्ली सरकार ने शहर में लगातार बने रहने वाले ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए एक नया 55 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रिंग रोड बनाने की बड़ी योजना का ऐलान किया है। यह प्रस्तावित कॉरिडोर मौजूदा इनर और आउटर रिंग रोड के समानांतर चलेगा और इसे छह अलग-अलग चरणों में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के लिए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी डीपीआर का काम पूरा हो चुका है, जिसे महात्मा गांधी रोड एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट के लिए कंसल्टेंसी फर्म एईकॉम इंडिया ने तैयार किया है।
परियोजना की प्रगति और बजट आवंटन
इस परियोजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी संभाल रहा है। वर्ष 2026-27 के बजट में फीजिबिलिटी स्टडी के लिए 10 करोड़ रुपये आवंटित होने के बाद पीडब्ल्यूडी ने अपने प्रयासों को तेज कर दिया है। इस प्रस्ताव को औपचारिक समीक्षा और मंजूरी के लिए यूथोपेक के पास जमा करा दिया गया है। 24 मार्च 2026 को बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पीडब्ल्यूडी के लिए कुल 5,921 करोड़ रुपये के बजट का ऐलान किया है, जो पिछले साल के 3,843 करोड़ रुपये के बजट से 54 प्रतिशत अधिक है।
विकास का रोडमैप और प्राथमिकता वाले हिस्से
वर्तमान विकास रोडमैप के अनुसार इस परियोजना का पहला चरण मुबारका चौक से आश्रम को जोड़ने वाले हिस्से पर केंद्रित होगा। अन्य चिन्हित प्राथमिकता वाले खंडों में आज़ादपुर फ्लाईओवर से आईएसबीटी हनुमान मंदिर तक का 9.5 किलोमीटर का मार्ग, चांदी राम अखाड़ा से मजनू का टीला तक का 2.5 किलोमीटर का हिस्सा और आईएसबीटी से डीएनडी फ्लाईओवेर तक का 11.5 किलोमीटर का कॉरिडोर शामिल है। पीडब्ल्यूडी इस कॉरिडोर की तकनीकी आवश्यकताओं को अंतिम रूप देने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर काम कर रहा है।