दिल्ली के 48 गांवों का होगा शहरीकरण, बिजनेस को आसान बनाने के लिए सरकार लाई नया बिल

दिल्ली सरकार 48 गांवों को शहरी दर्जा देने जा रही है और Ease of Doing Business बिल के जरिए व्यापार को आसान बनाएगी।

Kittu Kumari29 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली के 48 गांवों का होगा शहरीकरण, बिजनेस को आसान बनाने के लिए सरकार लाई नया बिल

राजधानी दिल्ली की सूरत बदलने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली सरकार अब शहर के प्रशासनिक और बुनियादी ढांचे में व्यापक बदलाव करने जा रही है, जिसका लक्ष्य नवंबर के अंत तक पूरी व्यवस्था को दुरुस्त करना है। इस पूरी योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा दिल्ली के 48 गांवों का शहरीकरण है, जिसके लिए शहरी विकास विभाग ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।

इन गांवों को अब 'दिल्ली मास्टर प्लान 2041' के दायरे में लाया जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि अब इन इलाकों में सीवरेज सिस्टम, पीने के साफ पानी की सप्लाई, बेहतर सड़कों का जाल और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे ग्रामीण इलाकों में रहने वालों का जीवन स्तर सुधरेगा।

व्यापार में आसानी के लिए 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल'

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सिर्फ बुनियादी ढांचा ही नहीं, बल्कि दिल्ली सरकार व्यापारिक माहौल को भी बेहतर बनाने की तैयारी में है। इसके लिए 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल, 2026' तैयार किया गया है, जिसे कैबिनेट की मंजूरी के बाद अंतिम अनुमोदन के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दिया गया है। इस रिफॉर्म पैकेज का मुख्य उद्देश्य बिजनेस शुरू करने की जटिल प्रक्रियाओं को खत्म करना है।

इस नई व्यवस्था के तहत कई बड़े बदलाव किए जाएंगे:

  • सभी व्यावसायिक प्रक्रियाओं के लिए एक सिंगल-विंडो ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाएगा।
  • कम जोखिम वाली व्यावसायिक गतिविधियों के लिए 'सेल्फ-सर्टिफिकेशन' की सुविधा मिलेगी।
  • अगर अधिकारी तय समय सीमा के भीतर निर्णय नहीं लेते हैं, तो उसे 'डीम्ड अप्रूवल' (मान लिया गया अनुमोदन) माना जाएगा।
  • दोहरे लाइसेंस की जरूरत को खत्म कर स्थायी पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा।

सरकार ने यह भी तय किया है कि अब बिजनेस चलाने के लिए किसी खास अनुमति के बजाय एक 'नेगेटिव लिस्ट' बनाई जाएगी। यानी, इस लिस्ट के बाहर के सभी इलाकों में व्यापार की अनुमति होगी। साथ ही, पंजीकृत कंपनियों के लिए नियमित निरीक्षण (Inspection) को अगले तीन साल के लिए निलंबित कर दिया गया है ताकि उद्यमियों को बार-बार होने वाली कागजी कार्रवाई से राहत मिल सके।

एक हालिया समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई कि प्राथमिकता वाले 23 सुधार क्षेत्रों में से 22 का काम पूरा हो चुका है। अब बचे हुए कार्यों को नवंबर के अंत तक हर हाल में पूरा करने का सख्त निर्देश दिया गया है।

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