दिल्ली में हुई 11वीं बिम्सटेक बैठक, आतंकवाद और सुरक्षा खतरों पर हुई चर्चा

नयी दिल्ली में सोमवार और मंगलवार को बिम्सटेक ज्वॉइंट वर्किंग ग्रुप ऑन काउंटर टेररिज़्म एंड ट्रांसनेशनल क्राइम की 11वीं बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पारंपरिक और उभरते हुए सुरक्षा खतरों पर चर्चा की गई तथा क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए सिफारिशें दी गईं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक की मेजबानी भारत सरकार ने की और इसमें बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका तथा थाईलैंड के प्रतिनिधि शामिल हुए। विदेश मंत्रालय के काउंटर टेररिज़्म के अतिरिक्त सचिव डॉ. सुहेल एजाज खान ने इस बैठक की अध्यक्षता की।
सुरक्षा और सहयोग पर अहम चर्चा
बैठक के दौरान मानव तस्करी, नशीली दवाओं के अवैध व्यापार की रोकथाम, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने जैसे विभिन्न उप-समूहों की रिपोर्टों पर चर्चा हुई। इसके अलावा कानूनी और कानून प्रवर्तन के मुद्दों तथा कट्टरपंथ और आतंकवाद से निपटने में सहयोग पर भी विचार-विमर्श किया गया। भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी ज़ीरो-टॉलरेंस नीति पर लगातार जोर दे रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 178वें एपिसोड में कहा था कि भारत आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो-टॉलरेंस नीति पर चलता है।
सर्जिकल स्ट्राइक और बिम्सटेक की अध्यक्षता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28-29 सितंबर 2016 को भारतीय सेना द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक की 10वीं वर्षगािर्द को भी याद किया। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक ने दुनिया भर में भारत की आतंकवाद-विरोधी नीति का एक नया उदाहरण पेश किया। इस बीच, बांग्लादेश के पास वर्तमान में बिम्सटेक की रोटेटिंग चेयरमैनशिप है और वह 2027 में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन आयोजित करने का इरादा रखता है। बांग्लादेश के विदेश मामलों के राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने इस बात की जानकारी दी थी।