हथियार सिंडिकेट मामला: आरोपी वकील दीपक खत्री की जमानत याचिका राउज एवेन्यू कोर्ट ने की खारिज
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने अवैध हथियारों के सिंडिकेट और UAPA मामले में आरोपी वकील दीपक खत्री की जमानत याचिका खारिज कर दी है।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने अवैध हथियारों के एक बड़े सिंडिकेट से जुड़े मामले में आरोपी वकील दीपक खत्री को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत दायर उनकी दूसरी नियमित जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। स्पेशल जज (UAPA) किरण बंसल ने याचिका में दम न होने और जांच एजेंसी द्वारा कानूनी प्रक्रियाओं का सही पालन करने का हवाला देते हुए यह फैसला सुनाया।
अंतरराष्ट्रीय टेरर मॉड्यूल और हथियारों की तस्करी का आरोप
अभियोजन पक्ष का दावा है कि दीपक खत्री शाहबाज अंसारी द्वारा संचालित एक अंतरराष्ट्रीय टेरर मॉड्यूल का हिस्सा थे। इस मॉड्यूल का मकसद अवैध रूप से हथियार और गोला-बारूद इकट्ठा करना था, ताकि आम जनता के बीच दहशत फैलाई जा सके। दीपक खत्री, जो खुद को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की लीगल टीम का सदस्य बताते हैं, उन्हें 25 अगस्त 2026 को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। जून 2026 में उनके खिलाफ एक लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था, जिसके बाद दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने उन्हें UAPA और आर्म्स एक्ट के तहत हिरासत में लिया।
अपनी जमानत याचिका में खत्री ने संविधान के अनुच्छेद 21 और 22 के साथ-साथ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धाराओं के उल्लंघन का दावा किया था। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी और रिमांड की वैधता पर सवाल उठाए थे। हालांकि, कोर्ट ने पाया कि गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर उन्हें रिमांड कोर्ट में पेश किया गया था और गिरफ्तारी के कारणों की लिखित जानकारी उन्हें, उनकी पत्नी और वकील को समय पर दे दी गई थी।
इस मामले में एक और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब उत्तर प्रदेश पुलिस ने खत्री की कानूनी डिग्री की जांच शुरू की। आरोप है कि उन्होंने कक्षा 12 की फर्जी मार्कशीट का इस्तेमाल कर कानून की पढ़ाई में एडमिशन लिया था। बता दें कि खत्री 5 सितंबर 2026 से न्यायिक हिरासत में हैं और उनके साथ सह-आरोपी ऋषभ कपूर भी जेल में हैं।